अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:
डॉ. शेख आयुर्वेदा क्लीनिक में इलेक्ट्रो होम्योपैथी के जनक डॉ. सीज़र काउंट मेटी का 217वां जन्मदिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर डॉ. ए.ए. शेख ने बताया कि डॉ. मेटी का जन्म 11 जनवरी 1809 को हुआ था। उन्होंने 19वीं शताब्दी में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की स्थापना की, जो औषधीय पौधों से बनी ऊर्जा-आधारित दवाओं के उपयोग पर आधारित है। यह प्रणाली रक्त और लसीका तंत्र को शुद्ध करने में सहायक मानी जाती है।
डॉ. शेख ने कहा कि डॉ. मेटी का उद्देश्य ऐसी चिकित्सा पद्धति विकसित करना था जो केवल लक्षणों पर नहीं, बल्कि बीमारी के मूल कारणों पर काम करे। आज पूरी दुनिया में इलेक्ट्रो होम्योपैथी से इलाज किया जा रहा है और भारत में भी लाखों लोग इस प्रणाली का उपयोग कर चिकित्सा सेवा दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी की दवाएँ सस्ती, प्रभावी और अनेक असाध्य बीमारियों में लाभकारी होती हैं। भारत में इस क्षेत्र में और अधिक शोध की आवश्यकता है।
डॉ. ए.ए. शेख, जो क्लीनिक के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं, ने बताया कि वह 1990 से इलेक्ट्रो होम्योपैथी, नेचुरोपैथी और एक्यूपंक्चर के माध्यम से रोगियों का इलाज कर रहे हैं, जिनके परिणाम संतोषजनक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन चिकित्सा पद्धतियों का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि क्लीनिक में आयुर्वेद चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके लिए डॉ. सुशील कुमार को नियुक्त किया गया है।
अंत में, डॉ. शेख ने देशभर के इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्लीनिकों में डॉ. सीज़र काउंट मेटी का जन्मदिवस मनाएँ और अधिक से अधिक गरीबों को सस्ती तथा हानिरहित चिकित्सा उपलब्ध कराएँ।
