अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
बढ़ते साइबर अपराधों के बीच भोपाल साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों को APK स्कैम को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। साइबर पुलिस के अनुसार अज्ञात स्रोतों से आने वाली .apk फाइलें मोबाइल को हैक कर सकती हैं और बैंक खातों से पैसे उड़ाए जा सकते हैं।
साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक यह फर्जी एप्स मोबाइल में इंस्टॉल होते ही बैंक लॉगिन, ओटीपी, एसएमएस और निजी जानकारी चुरा लेते हैं, जिससे साइबर ठग पीड़ितों के खातों से रकम निकाल लेते हैं। यह ठग अक्सर सरकारी योजनाओं और सुविधाओं के नाम पर फर्जी एप भेजते हैं।
पुलिस ने जिन फर्जी .apk फाइलों के नाम सामने आने की बात कही है, उनमें
E-chalan.apk, Pradhan Mantri Awas.apk, 5G.apk, PMKisanYojna.apk और RTO Chalan.apk शामिल हैं।
सुरक्षित रहने के लिए पुलिस की सलाह
साइबर क्राइम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ई-मेल, मैसेज या व्हाट्सएप पर आने वाली किसी भी अज्ञात फाइल को डाउनलोड न करें।
.apk फाइल भेजने वाले की पहचान करें और संदेह होने पर उसे तुरंत रिपोर्ट कर ब्लॉक करें।
मोबाइल में “Install unknown apps / sources” का विकल्प बंद रखें।
किसी को भी अपना बैंक विवरण, ओटीपी, सीवीवी या निजी जानकारी साझा न करें।
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
अगर फर्जी APK इंस्टॉल हो गई हो तो क्या करें
यदि किसी ने गलती से फर्जी .apk फाइल इंस्टॉल कर ली है, तो तुरंत मोबाइल का इंटरनेट बंद करें।
अपने बैंक को सूचना देकर पासवर्ड बदलें।
Gmail आईडी का पासवर्ड बदलकर Two-Step Verification चालू करें।
WhatsApp में लिंक्ड डिवाइस चेक कर अनजान डिवाइस को लॉग-आउट करें।
साइबर अपराध की किसी भी घटना की सूचना भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 9479990636 या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर देने की अपील की गई है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने की अपील की है।
