ज़हरीला पानी पीने से हुई मौतों पर सियासी उबाल,महापौर के इस्तीफे एवं 1 करोड़ मुआवजे की मांग को लेकर कल इंदौर में होगा पैदल मार्च : प्रवीण सक्सेना | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:


इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीले पानी पीने से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, भोपाल स्थित राजीव गांधी सभागार में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को “सरकारी हत्या” करार देते हुए महापौर के इस्तीफे और मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।
पत्रकार वार्ता को पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, भोपाल शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने संबोधित किया।
11 जनवरी को इंदौर में पैदल मार्च
भोपाल शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा कि इंदौर में हुई मौतें भाजपा सरकार की आपराधिक लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। उन्होंने बताया कि इन मौतों के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा 11 जनवरी 2026, रविवार को सुबह 11 बजे बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा चौक (माँ अहिल्याबाई होल्कर प्रतिमा स्थल) तक प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च आयोजित किया जाएगा।
इस जनआक्रोश मार्च में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे।
उन्होंने कांग्रेस की प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि नाकारा महापौर को तत्काल हटाया जाए, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से असंवेदनशील बयानबाजी पर इस्तीफा लिया जाए, मृतकों के परिजनों को 2 लाख नहीं बल्कि 1 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए और पूरे मामले की न्यायिक जांच कर दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
मनरेगा पर हमला गरीबों के अधिकारों पर वार
पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के शासन में मध्य प्रदेश पहले से ही करीब 4 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है। अब मनरेगा में 60:40 का खर्च अनुपात लागू कर राज्य पर हर साल 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 90.5 प्रतिशत सक्रिय मनरेगा मजदूरों की e-KYC लंबित है, जो देश में सबसे अधिक है। यह साफ दर्शाता है कि सरकार जानबूझकर गरीबों और मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही है।
पी.सी. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस मोदी सरकार से इस कानून को तुरंत वापस लेने की मांग करती है और ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को पंचायत से लेकर सड़क तक और तेज करेगी।
गांधी के ग्राम स्वराज पर हमला: राहुल राज
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा को खत्म कर VB-G RAM G अधिनियम लागू करना चाहती है, जो गरीबों के काम के अधिकार पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि इसके मुख्य शिल्पकार केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं और यह महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने का अपमान है।
उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों से प्रदेश पर पहले से मौजूद 4.50 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के अलावा हर साल 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। फसल सीजन में 60 दिन तक काम बंद रखने का प्रावधान मजदूरों को पलायन और सस्ते श्रम की ओर धकेलने की साजिश है।
राहुल राज ने सवाल उठाया कि जैसे फसल बीमा में राज्य की हिस्सेदारी में देरी से किसानों को भुगतान दो-दो साल में होता है, क्या अब मनरेगा मजदूरों की मजदूरी भी दो-दो साल बाद मिलेगी?
उन्होंने शिवराज सिंह चौहान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी राजनीति “मुंह में राम और बगल में छुरी” जैसी है, जिससे मजदूरों और किसानों का हक छीना जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि पार्टी गरीबों, मजदूरों और पीड़ित परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

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