मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
जुन्नारदेव पुलिस द्वारा आज थाना परिसर में स्कूली बच्चों को पुलिस अनुशासन एवं सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत जागरूक किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश बघेल एवं उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे ने बच्चों को इन विषयों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि छोटी उम्र में इस तरह की जानकारी देना बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों में आमतौर पर निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया गया—
1. पुलिस अनुशासन एवं नागरिक कर्तव्य
बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली और अनुशासन के बारे में जानकारी देकर उनके मन से पुलिस के प्रति भय कम किया गया और सम्मान की भावना विकसित की गई।
अनुशासन का महत्व- समय की पाबंदी, वर्दी का सम्मान और नियमों का पालन करना।
पुलिस मित्र- यह समझाया गया कि पुलिस समाज की सुरक्षा के लिए होती है और किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
आपातकालीन नंबर- बच्चों को 112 जैसे आपातकालीन नंबरों के सही उपयोग की जानकारी दी गई।
2. सड़क सुरक्षा के सुनहरे नियम
सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत बच्चों को सड़क का सुरक्षित उपयोग करने के तरीकों के बारे में बताया गया—
ट्रैफिक सिग्नल की जानकारी:
🔴 लाल—रुकना
🟡 पीला—इंतजार करना/तैयार रहना
🟢 हरा—चलना
ज़ेबरा क्रॉसिंग- सड़क पार करते समय हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना और पहले दाएं, फिर बाएं, फिर दाएं देखकर सड़क पार करना।
सुरक्षा उपकरण- दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा कार में सीट बेल्ट लगाने की अनिवार्यता।
साइकिल सुरक्षा- सड़क के बाईं ओर साइकिल चलाना और मुड़ते समय हाथ के संकेतों का उपयोग करना।
3. बच्चों की भूमिका
बताया गया कि बच्चे अपने घरों में “सुरक्षा दूत” बन सकते हैं और अपने माता-पिता को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जैसे—
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करना।
निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाना।
