निर्विरोध सीटों पर होगा चुनाव : शीर्ष अदालत के आदेश को कोट कर रहा सोशल मीडिया | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

निर्विरोध सीटों पर होगा चुनाव : शीर्ष अदालत के आदेश को कोट कर रहा सोशल मीडिया | New India Times

सुप्रीम कोर्ट की मेहरबानी से महाराष्ट्र में हो रहे महानगर पालिका नगर परिषद नगर पंचायत जिला परिषद पंचायत समितियों के आम चुनाव में बीजेपी की ओर से अपनाया गया निर्विरोध पैटर्न जनता से उसके वोट देने के अधिकार को छीनने वाला हथियार साबित हो गया है। 29 महानगर पालिकाओं में बीजेपी+ ने 70 से अधिक पार्षद जितवा लिए है।

निर्विरोध सीटों पर होगा चुनाव : शीर्ष अदालत के आदेश को कोट कर रहा सोशल मीडिया | New India Times

विपक्ष द्वारा सबूत के साथ आरोप करने के बाद सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के संज्ञान से बौखलाया चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट की ओर से कार्रवाई होने के पहले हरकत में आ चुका है। आयोग ने निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों को विजेता घोषित करने पर प्रतिबंध लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सुप्रीम कोर्ट के 2013 और 2025 के आदेश को कोट करते वीडियो ज़बरदस्त तरीके से प्रसारित हो रहे है।

निर्विरोध सीटों पर होगा चुनाव : शीर्ष अदालत के आदेश को कोट कर रहा सोशल मीडिया | New India Times

25 अप्रैल के ऑर्डर में शीर्ष अदालत का लिखा फैसला सुनाया जा रहा है कि निर्विरोध चुनाव के कारण वोटर्स अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। 2013 सुप्रीम कोर्ट के आदेश में बताया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत NOTA का इस्तेमाल करना वोटर का अधिकार है।

कोर्ट कहती है कई बार साम दाम दंड भेद से सत्ता के दबाव में विरोधियों से नामांकन वापिस करवाया जाता है ये तानाशाही पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए चुनौती है। जो जनता के वोट से चुनकर आता है वो जनता के प्रति उत्तरदाई होता है लेकिन जो वोटों के बिना जीतकर आता है वो जनता के लिए ज़िम्मेदार नहीं होता।

कोर्ट ने कहा बिना चुनाव लड़े डिफॉल्ट तरीके से चुनकर आना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। गोदी मीडिया शीर्ष अदालत के आदेश को टिप्पणियों की नजर से दिखा रहा है। ये आदेश चुनाव आयोग के लिए कानून नहीं लेकिन कानून से कम भी नहीं है।

ओबीसी के राजकीय आरक्षण के विषय को कोर्ट में फंसाकर आठ साल से निकायों पर राज कर रहे देवेन्द्र फडणवीस की संविधान विरोधी भूमिका ने अब निर्विरोध पैटर्न को जन्म दिया है।

जनता मांग कर रही है कि निर्विरोध चुनी जा चुकी सभी महानगर पालिका नगर परिषद नगर पंचायतों की तमाम सीटो पर उनके अपने काल्पनिक उम्मीदवार NOTA को लड़ने और वोटर्स को वोट डालने का संवैधानिक अधिकार मिले।

ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के कारण जलगांव जिले के जामनेर नगर परिषद से मुंबई हाई कोर्ट में याचि ज्योत्सना विसपुते के मुकदमे को बल मिला है।

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