इदरीस मंसूरी, ब्यूरो चीफ, गुना (मप्र), NIT:

गुना जिले की बीनागंज चौकी अंतर्गत ग्राम पैंची में सोमवार को कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौती सामने आई, जब भीड़ ने एक आरक्षक को बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की। सूचना मिलने पर उसे बचाने पहुँची पुलिस और एसएएफ टीम पर भी करीब आधा सैकड़ा से अधिक लोगों ने हमला कर दिया। इस घटना में कई पुलिसकर्मी और एसएएफ के जवान घायल हो गए, जबकि एक पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना की पृष्ठभूमि 28 दिसंबर को दर्ज एक युवती की गुमशुदगी से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार मोहम्मदपुर निवासी लोधा समाज की युवती मीना, समाज के ही एक युवक के साथ चली गई थी। दोनों ने 1 जनवरी को प्रेम विवाह कर लिया। सोमवार को ग्रामीण और समाज के लोग बीनागंज चौकी पहुँचे और युवती को अपने सुपुर्द करने की मांग करने लगे।
पुलिस ने युवती के बालिग होने के कारण उसके बयान दर्ज किए और उसे वन-स्टॉप सेंटर भेज दिया। युवती ने युवक के साथ रहने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। इसके बाद ग्रामीण चौकी से वापस लौट गए।
हालाँकि, पैंची पहुँचते ही कुछ लोगों ने एनएच-46 पर चक्काजाम करने की कोशिश की और युवक के घर में आग लगाने की बातें करने लगे। स्थिति बिगड़ने की आशंका पर एक आरक्षक मौके पर पहुँचा, लेकिन भीड़ ने उसे घेरकर बंधक बना लिया और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी।
सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी पुलिस और एसएएफ के जवानों के साथ पहुँचे, लेकिन खेतों की ओर से आई भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया।
एसएएफ जवान नवाव सिंह के अनुसार, अचानक बड़ी संख्या में लोग आ गए और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान कुछ ने आंखों में मिर्ची डाल दी, जिससे कई जवान घायल हो गए। महिलाओं द्वारा भी पत्थरबाजी की गई, जिससे एक पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रधान आरक्षक मंगलसिंह तोमर, एसएएफ के एक एएसआई सहित कई जवान घायल हुए हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है और स्थिति को नियंत्रण में बताया है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। घटना की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए।
