इरशाद आलम, परासिया/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) में जल संकट एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है। जिले को पहले भी जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जा चुका है, मुख्य रूप से गिरते भूजल स्तर और सीमित जल स्रोतों के कारण।
हाल के वर्षों में पेंच परियोजना की नहरों से अवैध पानी निकासी की शिकायतें सामने आई हैं, जैसे बड़े पंप लगाकर पानी का अवैध उपयोग, जिससे सिंचाई और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
छिंदवाड़ा नगर निगम के महापौर विक्रम अहके ने कहा कि अवैध कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने स्पष्ट किया कि निगम पेयजल आपूर्ति और अवैध कनेक्शनों की निगरानी के लिए जिम्मेदार है, इसलिए ऐसी कार्रवाई की संभावना अधिक है।
विक्रम अहके 2022 से नगर निगम के महापौर हैं। वे पहले कांग्रेस से थे और 2024 में भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
