अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:
पिछले दिनों स्नातक सेमेस्टर-4 की हिन्दी विषय की परीक्षा में सिलेबस से बाहर प्रश्न पूछे जाने को लेकर टीएनबी कॉलेज और बीएन कॉलेज परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार किया था। इस मामले में अब विश्वविद्यालय ने छात्रों की गलती नहीं मानते हुए पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी कुलपति प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा ने जांच के लिए एक समिति गठित की थी और संबंधित परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षकों से भी छात्रहित में मंतव्य मांगा था। समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस मामले में छात्रों की कोई त्रुटि नहीं थी।
समिति की अनुशंसा के आधार पर विश्वविद्यालय ने जनवरी के दूसरे सप्ताह में स्नातक सेमेस्टर-4 हिन्दी विषय की पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। पुनर्परीक्षा के आयोजन के लिए परीक्षा नियंत्रक डॉ. बिनोद कुमार ओझा को अधिकृत किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार नहीं किया था, वे भी यदि चाहें तो पुनर्परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए किसी प्रकार का परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। छात्रों के परिणाम का मूल्यांकन ‘बेस्ट ऑफ टू’ के आधार पर किया जाएगा, यानी दोनों परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त होंगे, वही अंतिम रूप से मान्य होंगे।
