अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
भोपाल के कौमी खिदमतगार संस्था के प्रतिनिधि हाजी मोहम्मद इमरान ने एक बार फिर मसाजिद कमेटी के पदाधिकारियों से शहर की मस्जिदों में सेवाएं दे रहे इमाम-मोअज़िन हज़रात के मासिक वेतन तथा निकाह ख़्वाह (हल्का क़ाज़ी) के नज़राने में बढ़ोतरी की मांग की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह मांग लंबित है, जिस पर अब गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
हाजी मोहम्मद इमरान ने बताया कि वर्तमान में इमाम और मोअज़िन हज़रत को चार से पाँच हज़ार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जो आज के महंगाई भरे दौर में 24 घंटे सेवाएं देने वालों के लिए नाकाफी है। उन्होंने कहा कि इतनी कम तनख़्वाह में परिवार का गुज़ारा करना मुश्किल है, इसलिए मसाजिद कमेटी को फिक्रमंद होकर वेतन में ख़ातिरख़्वाह बढ़ोतरी करनी चाहिए।।
इसके साथ ही हाजी मोहम्मद इमरान ने निकाह ख़्वाह (हल्का क़ाज़ी) के नज़राने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि भोपाल में लगभग 60 क़ाज़ी कार्यरत हैं, जिन्हें वर्तमान में निकाह कराने पर 375 रुपये और उनके नायब को 125 रुपये दिए जाते हैं, जो बेहद कम है। शादियों का सीज़न चल रहा है, ऐसे में नज़राने में बढ़ोतरी से उन्हें भी सहूलियत मिलेगी।
हाजी मोहम्मद इमरान ने मांग की कि निकाह ख़्वाह का नज़राना कम से कम 700 रुपये और उनके नायब का 300 रुपये किया जाए, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन बेहतर तरीके से कर सकें। उन्होंने मसाजिद कमेटी और जिम्मेदार अधिकारियों से अपील की कि इन मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर जल्द निर्णय लिया जाए
