नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

नगर परिषद नगर पंचायत चुनावों में 117 मेयर्स बना चुकी बीजेपी अन्य के 171 मेयर की तुलना में बड़ी पार्टी है। जलगांव जिले में बीजेपी को मनचाही सफलता नहीं मिली है। RSS विचारधारा का केंद्र माने जाते जामनेर ब्लॉक के शेंदुर्णी नगर पंचायत में बीजेपी हारते हारते जीती है। बीजेपी से मेयर बने गोविंद अग्रवाल एन सी पी शरदचंद्र पवार की प्रत्याशी उज्ज्वला काशिद से मात्र 600 वोट की बढ़त से जीते है। 17 सदस्यों में 09 विपक्ष से चुने गए है। धारा के कारण शेंदुर्णी की धरा को विशेष गांव का दर्ज़ा दे रखने के रौब को मीडिया बखूबी निभाता है।

महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव में पार्टी की भीतरी राजकीय प्रक्रिया ने बीजेपी को कांग्रेस बना डाला है। महायुति की महाफजी(ह)ती हो चुकी है आखिरी बार सभी मनपा में बीजेपी के कुल 1099 पार्षद थे। ये संख्या घटकर इस बार बीजेपी एक हजार के भीतर सिमट सकती है। धनलक्ष्मी के बल पर प्रदेश में निर्विरोध का पैटर्न जारी है। अभिषेक शांताराम पाटील ने कहा है कि जलगांव के नेताओं ने अजित पवार की पार्टी को बीजेपी को बेच दिया है। पूर्व मंत्री सुरेश जैन , एकनाथ खडसे जलगांव के नतीजों को नया आकर देने की ताकत रखते हैं। नासिक महानगर पालिका में विजय प्राप्त करना मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और गिरीश महाजन के लिए प्रतिष्ठा का मसला बन चुका है।
जामनेर ने लिखा इतिहास :
मंत्री गिरीश महाजन ने विपक्ष को चैलेंज किया था कि अगर विपक्ष एक भी प्रत्याशी जामनेर नगर परिषद चुनाव में अपना डिपॉजिट बचाने में सफ़ल होता है तो महाजन अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे। जामनेर का वोटर बदलाव का शाहिद बना। जावेद इकबाल अब्दुल रशीद मुल्लाजी के हौंसले के दम पर एन सी पी शरदचंद्र पवार ने 04 सीटें जीती। जिलाधीश रोहन घूगे ने जावेद को विपक्ष की ओर से नेता सदन मनोनीत किया है। सदन में बीजेपी के 22 सदस्य होने के बाद भी जनता के बीच जावेद समेत चार पार्षदों का बोलबाला है।
