मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
जुन्नारदेव में वर्ष 2025 व्यापार के लिहाज़ से काफी कमजोर साबित हुआ। व्यापार ठप रहने और रोजगार के अवसर कम होने से अब लोग 2026 में बेहतर उम्मीदें लगाए बैठे हैं। क्षेत्र के आदिवासी अंचल की जनता और व्यापारी नई खदानों और उद्योग-धंधों के शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों द्वारा नई खदानें खोलने और औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के वादे किए गए थे, लेकिन ज़मीन पर हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
रोजगार न मिलने के कारण कई स्थानीय मजदूरों को बाहरी क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है, जहाँ दुर्घटनाओं और शोषण जैसी स्थितियाँ भी सामने आ चुकी हैं।
फिर भी क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त संसाधन और उद्योग मौजूद नहीं हैं। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर यह मांग कब पूरी होगी।
नए साल की शुरुआत के साथ ही स्थानीय जनता और व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि क्षेत्र में नए उद्योग-धंधे और कोयला खदानें शुरू हों, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें और मजदूरों को बाहर पलायन न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रहे, मानो वे इससे पूरी तरह अनभिज्ञ हों।
