भाजपा में टिकट घमासान तेज — 500 से ज्यादा दावेदार मैदान में | New India Times

अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

भाजपा में टिकट घमासान तेज — 500 से ज्यादा दावेदार मैदान में | New India Times

धुलिया महानगर निगम चुनाव से पहले भाजपा में टिकट को लेकर अंदरूनी घमासान खुलकर सामने आ गया है। गुरुवार शाम जिला पालक मंत्री जयकुमार रावल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में स्पष्ट कहा कि भाजपा उम्मीदवारों की सूची स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और चुनाव कोर कमेटी तय करेगी। यानी, धुलिया भाजपा नेतृत्व ने टिकट चयन की जिम्मेदारी से खुद को लगभग अलग कर लिया है।

19 प्रभागों के मनपा चुनाव में भाजपा टिकट के लिए 500 से अधिक दावेदार लाइन में हैं। हालात ऐसे हैं कि हर वार्ड में कमल रैलियों की बाढ़ आ गई है। पार्टी ने इच्छुक उम्मीदवारों के लिए रैली निकालना अनिवार्य कर दिया है, जिससे संगठन की ताकत दिखाने के बजाय “भीड़ जुटाओ, टिकट पाओ” की राजनीति हावी होती दिखाई दे रही है।

रावल ने संकेत दिया कि उम्मीदवारों की सूची अंतिम समय पर घोषित की जाएगी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संभावित उम्मीदवारों की नाराजगी और बगावत के डर से धुलिया भाजपा कोर कमेटी ने हाथ खड़े कर दिए हैं और पूरा मामला प्रदेश नेतृत्व के हवाले कर दिया है — ताकि टिकट कटने पर जिम्मेदारी ऊपर रहे, लेकिन नाराजगी नीचे झेलनी पड़े।

महायुति को लेकर भी स्थिति उलझी हुई है। रावल ने स्पष्ट कहा कि अजित पवार गुट के साथ गठबंधन पूर्व विधायक फ़ारूक शाह के कारण संभव नहीं है, क्योंकि उनकी विचारधारा भाजपा विधायक अनूप अग्रवाल से मेल नहीं खाती। साफ शब्दों में कहें तो गठबंधन की राजनीति में भी धुलिया एकमत नहीं दिख रहा।

शिवसेना के साथ तालमेल की चर्चाएँ जरूर जारी हैं, लेकिन तस्वीर अभी धुंधली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकटों की घोषणा होते ही भाजपा के सामने असली चुनौती खड़ी होगी। यदि नाराज दावेदार बगावती तेवर दिखाते हैं, तो यह चुनाव भाजपा के लिए भारी पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, धुलिया में भाजपा चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही अपने ही घर में संघर्ष से जूझती नज़र आ रही है। अब देखना यह होगा कि फडणवीस द्वारा तय की जाने वाली सूची पार्टी को एकजुट करेगी या अंदरूनी कलह को और बढ़ाएगी।

By nit

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