तारिक़ खान, ब्यूरो चीफ, रायसेन (मप्र), NIT:
उर्दू अदब की खुशबू और शायरी की मिठास से सजा एक भव्य साहित्यिक आयोजन रविवार को राजधानी भोपाल में आयोजित हुआ, जहाँ मध्यप्रदेश के विभिन्न ज़िलों से आए शायरों और शायराओं ने अपने कलाम से महफ़िल को यादगार बना दिया।
इस मौके पर उर्दू साहित्य के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों, शायरों, शायराओं और पत्रकारों को शाल ओढ़ाकर, शील्ड तथा मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में “दावत-ए-आम नहीं, बल्कि दावत-ए-ताम” जैसा माहौल देखने को मिला, जहाँ केवल आयोजन नहीं बल्कि उर्दू अदब की रूह को महसूस किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उर्दू केवल भाषा नहीं, बल्कि तहज़ीब, तालीम और इंसानियत का पैग़ाम है।
विचार-विमर्श ने कार्यक्रम को नई वैचारिक ऊँचाइयाँ दीं और यह संदेश दिया कि साहित्य समाज को जोड़ने का काम करता है, केवल मनोरंजन नहीं।
इसी सम्मान समारोह में दैनिक रक्तसूर्य समाचार पत्र के रायसेन ज़िला संवाददाता तारिक़ खान को उनकी निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सरोकारों और साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका के लिए सम्मानित किया गया।
यह सम्मान रायसेन ज़िले के लिए भी गर्व का विषय बना।
वरिष्ठ साहित्यकारों ने उर्दू अदब के भविष्य पर उम्मीद और जिम्मेदारी, दोनों की ओर संकेत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को उर्दू से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महफ़िल-ए-मुसायरा, नज़्म और ग़ज़लों की प्रस्तुतियों ने देर शाम तक श्रोताओं को बाँधे रखा। समारोह का समापन उर्दू अदब के उज्ज्वल भविष्य और आपसी भाईचारे की दुआओँ के साथ हुआ।
