आपस में लड़े फ़िर साथ आए शिवसेना बीजेपी : नासिक में जमकर हंगामा | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

आपस में लड़े फ़िर साथ आए शिवसेना बीजेपी : नासिक में जमकर हंगामा | New India Times

288 नगर परिषद नगर पंचायतों में 117 पर अपने मेयर बना चुकी महाराष्ट्र बीजेपी की हालत एकनाथ शिंदे अजित पवार के बिना ठीक वैसी है जैसे बिहार में नीतीश कुमार के बगैर है। जनता के सीधे निशाने पर आ चुकी बीजेपी के इलाकाई नेताओं को एकनाथ शिंदे अब प्यारे लगने लगे है। 15 जनवरी 2026 को होने वाले जलगांव महानगर पालिका चुनाव के लिए बीजेपी शिवसेना एकनाथ शिंदे ने गठबंधन कर लिया है। 75 सीटों में 57 बीजेपी के पास है। गुलाबराव पाटील और गिरीश महाजन के राज में जलगांव में शिक्षा रोजगार व्यापार किसानी के मामले में कुछ भी काम नहीं किया गया।

आपस में लड़े फ़िर साथ आए शिवसेना बीजेपी : नासिक में जमकर हंगामा | New India Times

इन दोनों मंत्रियों ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों के वोटरों के लिए सरकारी अस्पताल तक चुस्त दुरुस्त नहीं करवाए हैं। मराठा , लेवा पाटीदार समुदाय से बीजेपी सरकार में कोई मंत्री नहीं है। पूर्व मंत्री सुरेश जैन ने जलगांव की बदहाली पर बार बार नाराज़गी व्यक्त करी है। आम मतदाता शिवसेना UBT नेता सुरेश जैन के एक इशारे के इंतजार में है। 16 जनवरी के नतीजे के बाद खेला हो सकता है। ठेकेदारी और बिगड़ती कानून व्यवस्था के कारण जलगांव में बीजेपी का जनाधार तेजी से गिरता जा रहा है।

राज और उद्धव ठाकरे के साथ आने के बाद बीजेपी द्वारा नासिक में की जा रही मेगा इनकमिंग से नाराज वर्कर्स ने गिरीश महाजन को घेर कर हंगामा किया। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दस हजारी वोट योजना ने जनता के स्वाभिमान को जगाने का काम किया है। ग़रीब नेताओं के बेहद ग़रीब आरोग्य सेवक नगर सेवक बनने के लिए उतावले हैं अगर वे नगर सेवक बनेंगे तो विधान परिषद चुनाव में “लक्ष्मीकांत” साबित होंगे।

एन सी पी शरदचंद्र पवार के प्रमुख पूर्व विधायक तथा आगामी जिला अध्यक्ष संतोष चौधरी ने बीजेपी को छोड़कर सभी दलों के लिए बातचीत के दरवाजे खोल दिए हैं। जामनेर नगर परिषद चुनाव के दौरान एन सी पी SP के टिकटों की जो रंगदारी हुई उसके लिए कोई पदाधिकारी नपा नहीं है। बड़बोले नेताओं के कारण जलगांव में कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है। महानगर पालिका के बाद फ़रवरी 2026 में जलगांव जिला परिषद का आम चुनाव होना है।

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