सद्दाम हुसैन, ब्यूरो चीफ, लखनऊ (यूपी), NIT:
प्लॉटिंग से सटी गाटा संख्या 238 और 239 में दर्ज तालाब की भूमि पर भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा कर प्लॉट काट दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि समाजसेवी कौशलेंद्र सिंह द्वारा मामला प्रशासन के संज्ञान में लाए जाने के बाद दो बार नाप भी कराई जा चुकी है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
राजस्व टीम द्वारा नाप में तालाब की जमीन स्पष्ट होने के बावजूद कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं और अवैध प्लॉटिंग लगातार जारी है।
स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है और सवाल उठ रहे हैं कि जब नाप हो चुकी है तो अवैध कब्जे पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रशासनिक सुस्ती भूमाफियाओं को संरक्षण दे रही है? अब निगाहें तहसील प्रशासन पर टिकी हैं कि तालाब की जमीन को कब्जा-मुक्त कराने के लिए कब तक सख्त कदम उठाए जाएंगे — या फिर सरकारी जमीन यूँ ही भूमाफियाओं की भेंट चढ़ती रहेगी।
