शरीफ़ अहमद खान, ब्यूरो चीफ, सोनभद्र (यूपी), NIT:
कड़ाके की ठंड को देखते हुए रॉबर्ट्सगंज विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बहुआर के पंचायत भवन में मंगलवार दोपहर 1 बजे से जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सर्वेश त्रिपाठी एवं लेखपाल रूबी गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें एडीपीआरओ सुमन पटेल द्वारा ग्रामीणों के बीच कंबल वितरित किए गए। इस अवसर पर एडीपीआरओ सुमन पटेल ने कहा कि कड़ाके की ठंड को देखते हुए तहसील क्षेत्र में कंबल वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि गांव में ऐसे असहाय एवं गरीब व्यक्तियों को चिन्हित किया जाए, जिन्हें वास्तव में सहायता की आवश्यकता है, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण परेशान न हो।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सर्वेश त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत बहुआर के गांव, कस्बा एवं टोलों—फुलौना, कचरिया, रोहनिया, बड़ौना, अकड़हीवा, कुकराही,क्षकण्डाकोट एवं चरघरवा सहित अन्य स्थानों के असहाय लोगों को चिन्हित कर कंबल वितरित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में गरीब एवं असहाय वर्ग को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में शासन की मंशा के अनुरूप पात्र लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना ग्राम पंचायत की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ग्राम पंचायत स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी जरूरतमंद ठंड से परेशान न हो।
लेखपाल रूबी गुप्ता ने जानकारी दी कि शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए कंबलों का वितरण पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया गया है। पात्रता सूची के आधार पर मजदूर, वृद्ध, विधवा एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी गई, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ग्राम स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कंबल प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया। कई बुजुर्गों एवं मजदूरों ने बताया कि बढ़ती ठंड में कंबल मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है।
इस कार्यक्रम में सचिव पंकज मौर्य, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्रामवासी एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने अंत में कहा कि भविष्य में भी ग्राम पंचायत द्वारा जरूरतमंदों की सहायता हेतु ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाई जा सके।
