अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
इटवा नगर पंचायत क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि नगर पंचायत की ओर से अब तक अलाव की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ठंड से राहत न मिलने के कारण गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला व्यापारी और राहगीर ठिठुरने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष ठंड के मौसम में नगर पंचायत द्वारा प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड, अस्पताल परिसर और बाजारों में अलाव की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस वर्ष नगर पंचायत की लापरवाही साफ नजर आ रही है। रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब सड़कों पर गुजरने वाले लोग ठंड से कांपते हुए दिखाई देते हैं।
जनता का आरोप है कि ठंड से बचाव के लिए शासन द्वारा बजट जारी किए जाने के बावजूद उसका सही उपयोग नहीं हो रहा है। कई नागरिकों ने नगर पंचायत अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही अलाव की व्यवस्था शुरू की गई।
अब देखना यह है कि नगर पंचायत प्रशासन कब जागता है और ठंड से जूझ रही जनता को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
