गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:
विकास और सुशासन के मापदंडों पर दतिया जिले ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। हाल ही में जारी प्रदेश-स्तरीय रैंकिंग में दतिया प्रशासन ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि दतिया जिले ने केवल एक बार नहीं, बल्कि लगातार नंबर-1 स्थान बनाए रखने का कठिन कीर्तिमान स्थापित किया है, जो किसी भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है।
कलेक्टर द्वारा नियमित समीक्षा बैठकों, कड़ी निगरानी और जिले में निरंतर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रमों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित और मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया गया। वहीं, कलेक्टर एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किए गए नियमित फील्ड विजिट से यह सुनिश्चित हुआ कि शासन की योजनाएं कागज़ों तक सीमित न रहकर अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँचीं।
राजस्व और पंचायत विभाग ने विकास कार्यों तथा सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं। पुलिस प्रशासन ने बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखी, स्वास्थ्य विभाग ने जन-आरोग्य सेवाओं को सुदृढ़ किया, जबकि शिक्षा और महिला-बाल विकास विभाग ने सामाजिक सूचकांकों में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए। इसके साथ ही नगर पालिका, विद्युत, कृषि विभाग सहित समस्त लाइन डिपार्टमेंट्स के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रथम स्थान प्राप्त करना आसान हो सकता है, लेकिन लगातार शीर्ष पर बने रहना अत्यंत कठिन होता है। ‘टीम दतिया’ ने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह सिद्ध कर दिया है कि उनकी कार्यक्षमता, अनुशासन और जन-सेवा के प्रति प्रतिबद्धता अनुकरणीय है। आज दतिया जिला पूरे मध्य प्रदेश के लिए सुशासन और प्रभावी टीम वर्क का प्रतीक बन चुका है।
