अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल के B ब्लॉक में तैनात सुरक्षा कर्मियों पर मनमानी, गाली-गलौज, भेदभाव और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में एडवोकेट पूनम मागरे ने कोहेफिजा थाने में लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में बताया गया है कि अस्पताल के B ब्लॉक में सुरक्षा कर्मी मरीजों और उनके परिजनों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। अस्पताल में प्रवेश पूरी तरह उनकी मनमर्जी पर निर्भर है। गांव-देहात से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को जानबूझकर रोका जाता है, जबकि कुछ खास लोगों को बिना किसी रोक-टोक के अंदर जाने दिया जाता है। इससे अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एडवोकेट पूनम मागरे के अनुसार, दिनांक 18 -12-2025 को दोपहर लगभग 01.30 बजे तीन सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज और बदतमीजी की। इस दौरान एक सुरक्षा कर्मी ने खुले तौर पर कहा “सभी को जाने दो, लेकिन इनको मत जाने दो”, जो स्पष्ट रूप से भेदभाव और दादागिरी को दर्शाता है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि इसी दौरान एक सुरक्षा कर्मी ने उनका मोबाइल फोन जबरन छीन लिया, जिससे मोबाइल की स्क्रीन टूट गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ सुरक्षा कर्मी रुपये लेकर पहचान/एंट्री रजिस्टर में नाम दर्ज कर अवैध रूप से लोगों को प्रवेश देते हैं, जिसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन या वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं होती। यह मामला भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है।
घटना का कुछ हिस्सा मोबाइल वीडियो में रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है, हालांकि पूरी वीडियो इसलिए नहीं बन सकी क्योंकि अंतिम समय में एक सुरक्षा कर्मी ने मोबाइल छीन लिया और झूम गया।
एडवोकेट पूनम मागरे, जो जिला अभिभाषक संघ भोपाल की कार्यकारिणी सदस्य भी हैं, उन्हों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध प्रवेश और भ्रष्टाचार की भी जांच हो तथा भविष्य में अस्पताल आने वाले सभी मरीजों और उनके परिजनों के साथ समान, मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और हमीदिया अस्पताल में व्यवस्था सुधार के लिए क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।
