अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशान्त पाण्डेय के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न छात्र संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में 15 दिसंबर को लोकसेवा आयोग पर हुए प्रदर्शन में राजनीतिक हस्तक्षेप की कड़ी आलोचना की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि भर्ती संस्थाओं के मनमाने रवैये के खिलाफ संघर्ष को आगे बढ़ाने एवं आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए एक संयुक्त समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति अलग-अलग स्थानों पर प्रतियोगी छात्रों के साथ बैठक कर आगे की कार्ययोजना तैयार करेगी।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन में सभी राजनीतिक दलों एवं छात्र संगठनों से सहयोग लिया जाएगा, लेकिन किसी भी प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के झंडे, बैनर अथवा समर्थन-विरोध में नारेबाजी की अनुमति नहीं होगी। आंदोलन पूरी तरह से छात्रों के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
बैठक में सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखे और सर्वसम्मति से समन्वय समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
इस बैठक में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति से प्रशान्त पाण्डेय, प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के संयोजक शीतला प्रसाद ओझा, कृषि प्रतियोगी छात्र संघ से अभिनव मिश्रा, प्रतियोगी छात्र महासंघ से बेट्टू बाजपेयी, छात्र ज्ञान संघ से ज्ञान शुक्ला, समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी संघर्ष समिति से संदीप अग्रहरि, राघवेंद्र तिवारी, मो. रिजवी, आशीष सिंह, भीमराज, प्रवीण गुप्ता, अर्चना सिंह, श्वेता तिवारी, नीरज मिश्रा, सचिन सहित दर्जनों प्रतियोगी छात्र उपस्थित रहे।
