सरकारी दफ्तर में दलालराज! डिप्टी रजिस्टार की कुर्सी पर बैठा प्राइवेट व्यक्ति, खुलेआम हो रही थी रजिस्ट्री | New India Times

तारिक़ खान, ब्यूरो चीफ, रायसेन (मप्र), NIT:

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रायसेन जिले के सब-रजिस्टार कार्यालय में कानून और प्रशासन की साख को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां डिप्टी रजिस्टार अरविंद चौहान की सरकारी कुर्सी पर एक निजी व्यक्ति बैठकर खुलेआम रजिस्ट्री करता हुआ पाया गया। यह चौंकाने वाली घटना न्यूज़ 24 के कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद जिले में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, सब-रजिस्टार कार्यालय में बिना रिश्वत दिए रजिस्ट्री कराना आम नागरिकों के लिए लगभग नामुमकिन हो गया है। आम लोग महीनों तक कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं, जबकि दलालों के जरिए काम मिनटों में निपटाया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा खेल जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी और संरक्षण में चल रहा था।
जब इस कथित दलालराज़ का पर्दाफाश करने न्यूज़ 24 की टीम मौके पर पहुंची, तो दलालों और डिप्टी रजिस्टार द्वारा संवाददाता और कैमरामैन से बदसलूकी की गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालात बेकाबू होते देख रजिस्टार रजनीश सोलंकी को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिन्होंने किसी तरह स्थिति को शांत कराया। हालांकि, सवाल यह उठता है कि यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हो रहा था, तो कैमरे से डरने की जरूरत क्यों पड़ी?
स्थानीय संवाददाता अनिल सक्सेना बिना पैसे दिए रजिस्ट्री न होने की शिकायतों की जांच के लिए ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचे थे, जहां पूरे कथित भ्रष्टाचार की तस्वीर कैमरे में कैद हो गई।
घटना सामने आने के बाद रायसेन के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। सभी पत्रकार संगठनों ने एक स्वर में डिप्टी रजिस्टार अरविंद चौहान को तत्काल निलंबित करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूरे मामले की लिखित शिकायत रायसेन कलेक्टर को सौंप दी गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कलेक्टर प्रशासन इस दलालराज़ पर सख्त कार्रवाई करेगा?
या फिर सरकारी कुर्सियों पर दलालों का कब्ज़ा यूं ही बना रहेगा?

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