फैजान खान, गुरुग्राम/चंडीगढ़ (नई दिल्ली), NIT:
हरियाणा सरकार ने वीआईपी कल्चर समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर की पुलिस सुरक्षा वापस ले ली है। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया, जिसके तहत सुरक्षा सूची की समीक्षा के बाद तंवर की सुरक्षा में तैनात दोनों पीएसओ को तत्काल वापस बुला लिया गया। डीजीपी ओपी सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस का मुख्य कार्य अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि चयनित व्यक्तियों को वीआईपी सुरक्षा प्रदान करना।
सुरक्षा हटाए जाने के बाद भीम सेना और हरियाणा पुलिस आमने-सामने नजर आ रही हैं। भीम सेना की पीआरओ सोनिका सिंह चौहान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संगठन अपनी सुरक्षा स्वयं करने में सक्षम है, लेकिन यदि नवाब सतपाल तंवर के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने भी हरियाणा सरकार के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक आदेश के हटाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने कभी पुलिस सुरक्षा की मांग नहीं की थी, बल्कि पुलिस ने स्वयं सुरक्षा उपलब्ध कराई थी।
तंवर ने कहा,
“अब अचानक सुरक्षा वापस लेकर मेरी जान को खतरे में डाल दिया गया है। यदि मुझे कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और डीजीपी ओपी सिंह होंगे। मैं सुरक्षा की भीख नहीं मांगूंगा।”
उन्होंने आगे कहा कि पूर्व में उन्हें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से धमकियां मिल चुकी हैं। गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई द्वारा फोन पर धमकी दिए जाने की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। ऐसे में सुरक्षा हटाए जाने से उनकी जान को खतरा बढ़ गया है।
इस निर्णय से भीम सेना के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जेजेपी समेत विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा से संबंधित निर्णय पूरी तरह पुलिस प्रशासन का अधिकार क्षेत्र है और सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं करती।
हरियाणा पुलिस का यह कदम वीआईपी कल्चर पर सख्त प्रहार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पुलिस बल को अपराध नियंत्रण में अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
