मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
दिनांक 13 दिसंबर 2025 को बुरहानपुर ट्रैफिक थाने में पदस्थ आरक्षक आशीष तोमर को ड्यूटी के दौरान व्हाट्सएप पर एक फर्जी फ्रॉड कॉल प्राप्त हुई। उस समय वे सड़क पर वाहनों की चालानी कार्रवाई कर रहे थे।
कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए पुणे के एक थाने से फोन करने का दावा किया और कहा कि उनका बेटा रेप केस में फंस गया है। आरोपी ने बेटे को बचाने के नाम पर 1 लाख 70 हजार रुपये की मांग की और पैसे न देने पर जेल भेजने की धमकी भी दी।
आरक्षक आशीष तोमर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत समझ लिया कि यह एक फर्जी कॉल है, क्योंकि उनका बेटा मात्र 3 वर्ष का है। इसके बाद उन्होंने मौके पर चालानी कार्रवाई के दौरान रोकी गई कार में बैठे आम नागरिकों को भी इस फ्रॉड कॉल के बारे में जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी लोगों को डराकर ठगी करने का प्रयास करते हैं।
आरक्षक आशीष तोमर ने न केवल स्वयं को ठगी का शिकार होने से बचाया, बल्कि आमजन को भी ऐसे फर्जी कॉल के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल पर घबराएं नहीं, पहले तथ्यों की जांच करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने भी आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे फर्जी कॉल से सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की आर्थिक मांग पर भरोसा न करें।
आमजन हेतु साइबर सुरक्षा सलाह
1️⃣ किसी भी संदिग्ध ईमेल, लिंक, APK फाइल या अनजान ऐप पर क्लिक न करें।
2️⃣ अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, पासवर्ड या UPI PIN किसी को भी न दें।
3️⃣ केवल आधिकारिक कस्टमर केयर नंबरों से ही संपर्क करें।
4️⃣ यदि किसी प्रकार का ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या
www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
(First Hour is Golden Hour — तुरंत शिकायत करने से राशि रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।)
सतर्क रहें | सावधान रहें | साइबर सुरक्षित रहें
साइबर सेल, जिला बुरहानपुर
