देश के शीर्ष डिबेटर बने जीएलए विश्वविद्यालय के रौनक उपमन्यु, 252 प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त कर बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड | New India Times

अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के विधि संकाय के अंतिम वर्ष के प्रतिभाशाली छात्र रौनक उपमन्यु ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अद्भुत बहस कला, तर्कशक्ति और वक्तृत्व कौशल से एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। रौनक ने न केवल जीएलए विश्वविद्यालय बल्कि संपूर्ण ब्रज क्षेत्र का नाम देशभर में रोशन किया है।

रौनक उपमन्यु, एनयूजेआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु (एडवोकेट) के सुपुत्र हैं। अब तक वे देशभर के प्रतिष्ठित IIT, IIM और शीर्ष विश्वविद्यालयों में आयोजित 506 बहस प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। इनमें से वे कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जज भी रह चुके हैं।

लंबे समय तक निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रौनक ने 252 बार प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि उन्हें देश का पहला ऐसा छात्र-डिबेटर बनाती है, जिसने इतनी बड़ी संख्या में शीर्ष स्थान प्राप्त कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है।

केवल इस वर्ष रौनक ने 45 प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सभी में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जो उनके कठिन परिश्रम, एकाग्रता, तर्कशक्ति और वक्तृत्व कौशल का प्रमाण है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में आयोजित एक प्रतिष्ठित बहस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने पर रौनक को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया।

इसके अलावा इंदौर इंस्टिट्यूट ऑफ लॉ, IIT दिल्ली और इंडियन नेशनल कांग्रेस द्वारा आयोजित युवा संसद प्रतियोगिता में भी उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया, जहाँ उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला और सांसद राजीव शुक्ला द्वारा सम्मानित किया गया।

जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने रौनक को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने परिश्रम, आत्मविश्वास और अनूठे वक्तृत्व कौशल से विश्वविद्यालय और ब्रजभूमि का गौरव बढ़ाया है।

वहीं विधि संकाय के डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने कहा कि रौनक की सफलता विधि शिक्षा, युवा संसद और डिबेटिंग परंपरा के लिए एक स्वर्णिम अध्याय है।

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