मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
केन्द्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (AYUSH मंत्रालय, भारत सरकार) के अधीन संचालित नैदानिक चिकित्सा अनुसंधान इकाई (CCRUM) बुरहानपुर में प्रतिवर्ष विभागीय निर्देशों के अनुरूप हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया जाता रहा है। लेकिन इस वर्ष की कार्यशाला विशेष रही क्योंकि इसमें मध्य रेलवे के बुरहानपुर स्टेशन के उस अधिकारी को आमंत्रित किया गया, जिसे पूरे भुसावल मंडल में उत्कृष्ट हिंदी कार्य हेतु सम्मानित किया गया है—स्टेशन अधीक्षक कॉमरेड पुष्पेंद्र कापड़े।
आज 10 दिसंबर 2025 को सुबह 09:30 बजे CCRUM इकाई बुरहानपुर में “हिन्दी में नोटिंग और ड्राफ्टिंग का व्यवहारिक प्रशिक्षण” विषय पर यह कार्यशाला आयोजित की गई। किसी भी कार्यालय या विभाग के सुचारू संचालन के लिए प्रभावी संप्रेषण एवं व्यवस्थित रिकॉर्ड-रखाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकारी कामकाज में निर्णय-निर्माण और सूचना आदान-प्रदान हेतु नोटिंग-ड्राफ्टिंग की प्रक्रिया अहम भूमिका निभाती है, जो इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य रहा।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि कॉमरेड पुष्पेंद्र कापड़े (मुख्य कार्यालय अधीक्षक, बुरहानपुर रेलवे स्टेशन) रहे, जिन्हें हिंदी में उत्कृष्ट कार्य हेतु भुसावल रेल मंडल द्वारा सम्मानित किया गया है। विशेष अतिथि श्री शकील अहमद सिद्दीक़ी (मुख्य टिकट निरीक्षक, बुरहानपुर रेलवे स्टेशन) थे। दोनों अतिथियों का स्वागत प्रभारी अधिकारी द्वारा शॉल, श्रीफल और पौधा भेंट कर किया गया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यों में स्पष्टता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का बोध आवश्यक है। भाषा सरल, स्पष्ट और शुद्ध होनी चाहिए। उन्होंने नोटिंग और ड्राफ्टिंग की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया और अंत में प्रश्नावली के माध्यम से प्रतिभागियों के हिंदी ज्ञान का आकलन किया।
विशेष अतिथि श्री शकील सिद्दीक़ी ने कहा कि अपनी भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति मातृभाषा हिंदी में ही संभव है। हिंदी में कार्य सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि सम्मान और मन से किया गया प्रयास होना चाहिए। उन्होंने ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ क्षेत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा हिंदी कविता पाठ कर उपस्थितों को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता CCRUM इकाई बुरहानपुर की प्रभारी मोहतरमा डॉ. यासमीन फातिमा ने की। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए नोटिंग-ड्राफ्टिंग का अभ्यास अत्यंत आवश्यक है। यह केवल औपचारिक कार्य नहीं, बल्कि निर्णय-निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करती है।
डॉ. इमरान जावेद ने स्वागत भाषण देते हुए इकाई का परिचय तथा आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यालय में हिंदी में कार्य को प्रोत्साहित करने हेतु कर्मचारियों को लेखन डायरी और फोल्डर देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की स्मृतियों को संजोने के लिए अतिथियों को स्मृति-चिह्न और प्रमाणपत्र भेंट किए गए। कार्यक्रम का संचालन सीनियर कर्मचारी श्रीमती दलजीत शर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन श्री संजय कुमार चित्ते ने किया।
कार्यशाला में डॉ. हैदर अली अंसारी, डॉ. मोहम्मद इमरान खान, श्री हितेश सोनी, श्री अमन नागर, श्री सिराज अहमद और श्री गणेश आमोदे उपस्थित रहे।
