अद्भूत है ऑफ लिविंग की सुदर्शन क्रिया, तनाव रहित जीवन जीना सिखाती है: भाजपा नेता चिंतामन महाजन | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

अपने परिवार के सदस्यों में 4 दिवस के शिविर के बाद आए हुए परिवर्तन को देखकर मैं यह विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि आर्ट ऑफ़ लिविंग में सिखाई जाने वाली सुदर्शन क्रिया अद्भुत है। साधक शिविर में बताए गए ज्ञान सूत्रों के साथ सहज ही मुस्कुराते हुए तनाव रहित जीवन जीना सीख जाता है।

उक्त बात भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री और 3 बार पार्षद रह चुके जाने-माने समाजसेवी चिंतामन महाजन ने सुंदरनगर में स्थित श्री श्री ज्ञान मंदिर सभा ग्रह में संपन्न हुए आर्ट ऑफ़ लिविंग के चार दिवसीय सेमिनार के समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्घार व्यक्त करते हुए कही।

आपने कहा इस शिविर में मेरी धर्मपत्नी के साथ मेरी डॉक्टर बेटी ऐश्वर्या महाजन ने भी अनुभव लिया और इन 4 दिनों में मैंने अपने परिवारजन की जीवनशैली एवं व्यक्तित्व में जो परिवर्तन देखा है, वह नि:संदेह सराहनीय है,जिसका मैं पूरा श्रेय यह शिविर में सिखाई जाने वाली सुदर्शन क्रिया को देता हूँ।

प्रतिभागी स्मिता पलोड ने कहा कि सिर्फ सुदर्शन क्रिया नहीं,बल्कि शिविर में खेल खेल में दिए जाने वाले ज्ञान सूत्र में दैनिक जीवन की हर समस्या का समाधान समाहित है। अहमदाबाद से पधारी प्रतिभागी संध्या पालनपूरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2025 का यह शिविर मेरे लिए शानदार उपहार साबित हुआ है। मैं बुरहानपुर से बहुत प्रसन्न होकर जा रही हूँ।

समापन सत्र में प्रतिभागियों के परिवारजन तथा बच्चों की उपस्थिति में आर्ट ऑफ़ लिविंग की प्रशिक्षिका और झोनल टीचर कोर्डिनेटर दीपाली रवीन्द्र पंडित ने कहा कि इन्ट्यूशन प्रोसेस 5 वर्ष से 18 वर्ष के बच्चों के लिए बना हुआ बहुत ही सुंदर कोर्स है।

आपने विस्तार से जानकारी देते हुए डेमो भी प्रस्तुत किया, जिसमें 11 वर्ष की बिटिया प्रेरणा दीपक अदमने और बालक रौनक नरेंद्र पवार ने आंख पर पट्टी बांध कर आधार कार्ड पर लिखा हुआ नाम तथा नोटों पर अंकित नंबर के साथ सामने खड़े हुए व्यक्ति को बड़ी सहजता के साथ अन्तर्मन के ज्ञान से पहचान कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।

आपने ने कहा कि जिस प्रकार 18 वर्ष से ऊपर के महिला पुरुष के लिए आर्ट ऑफ़ लिविंग की सुदर्शन क्रिया सृष्टि का अनमोल उपहार है, उसी प्रकार 5 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए इन्ट्यूशन प्रोसेस गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी द्वारा बनाया गया इतना शक्तिशाली कोर्स है कि बालक बालिकाएँ इसका प्रशिक्षण पाकर जीवन के हर क्षेत्र में मनचाही सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

शिविर के प्रतिभागी सरदार मंजीत सिंह बिंद्रा और जसवीर बिंद्रा ने कहा कि: इस कोर्स को पति पत्नी को साथ में मिलकर करना चाहिए, क्योकि मैंने इन चार दिनों में अनुभव किया है कि शिविर का प्रत्येक प्रोसेस और ज्ञान सूत्र विचारों की नकारात्मकता को समाप्त कर आपसी समझ को बढ़ाकर सम्बन्धों को प्रगाढ़ करता है।

संस्था के केंद्र प्रमुख,वरिष्ठ प्रशिक्षक और सीनियर एडवोकेट संतोष देवताले ने कहा कि साधना सेवा सत्संग से जुड़े रहोगे तो  जीवन में कभी भी आपके साथ अनर्थ नहीं हो सकता। आपने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को शिविर में सिखाई गई साधना और सेवा के संकल्प को आगामी इकतालीस दिवस तक निरंतर रखने की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर प्रतिभागी नरेंद्र देशमुख पवार, पूर्व पार्षद जीजा बाई महाजन, मेघा गीते, वर्षा केस्वास, आकाश सोलंकी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए इसे जीवन बदलने वाला शिविर कहा।

भव्य स्तर पर सम्पन्न हुए इस हैप्पीनेस प्रोग्राम शिविर को आयोजित करने में प्रशिक्षक रविन्द्र पंडित, आईआईटी (पवई) मुंबई से पधारे युवा छात्र प्रथम पंडित, संस्था के सक्रिय वॉलंटियर देशमुख पवार, प्रकाश काशीवाल,दीपक अदमने और देव मोरे का विशेष योगदान रहा। यह शिविर संध्या कालीन सत्र का होने से देर रात तक स्नेह भोज के साथ बड़े हर्षोल्लास के माहौल में शिविर का समापन हुआ।

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