आतिश दीपंकर, पटना ( बिहार ), NIT; 
पटना में मकर संक्रांति के मौके पर गंगा नदी नाव हादसे में डूबने वलों की संख्या 2 7 तक पहुंच गई है। मरने वालों में महिला, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। रात होने की वदजह से रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था, आज सुबह फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ है।
इस हादसे के सिलसिले में छपरा के सोनपुर पुलिस थाने में पुलिस ने बोट ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने एम्यूज़मेट पार्क के मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। गंगा नदी में हादसा जिस जगह पर हुआ, वो सारण जिले में है। जबकि छपरा सारण जिले का मुख्यालय है। लोग जहां से गंगा पार गए थे, वो जगह पटना में है।
हादसे के शिकार लोग बिहार सरकार द्वारा आयोजित पतंग महोत्सव में हिस्सा लेकर लौट रहे थे। जानकारी के मुताबिक नाव में पचास से साठ लोग सवार थे। क्षमता से ज्यादा लोगों के नाव में सवार होने की वजह से नाव में पानी घुसने लगा और बाद नाव नदी में पलट गई जिसमे उसमें सवार लोग डूबने लगे।
हादसे के बाद नीतीश सरकार ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया जबकि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मृतक के परिजों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने का एलान किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विट कर घटना पर दुख जताया। नाव हादसे की वजह बिहार में नितीश कुमार की पार्टी के ओर से होने वाला दही चूड़ा भोज रद्दरकर दिया गया है।
पंतगबाजी का यह कार्यक्रम बिहार सरकार का था, लेकिन लोगों की भीड़ वहां चल रहे गंगा किनारे अवैध रूप से चल रहे अम्यूजमेंट पार्क को लेकर ज्यादा हो गई थी। प्रशासन अब बिना अनुमति के अम्यूजमेंट पार्क चलाने वालों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
