अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
आम आदमी पार्टी ने सोमवार को भोपाल स्थित निर्वाचन सदन में पहुंचकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्य चुनाव अधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की कि मध्य प्रदेश की वर्तमान विधानसभा के 116 विधायकों की सदस्यता लाभ के पद पर पदस्थ होने के कारण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191 (1) (क), अनुच्छेद 192 एवं लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए।
आम आदमी पार्टी मप्र द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार इस प्रदर्शन के मौके पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा कि देश को बड़ी मुश्किल से लोकतंत्र मिला है, इसको खत्म करने का काम चुनाव आयोग न करे। यह देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह हजारों लोगों की कुर्बानियों से बना है। आम आदमी पार्टी किसी भी हालात में इस लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देगी।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनाव आयोग ने दिल्ली में बहुत जल्दी कार्यवाही की, अब मध्य प्रदेश में भी इसी तेजी से कार्यवाही करनी चाहिए। लेकिन लगता है कि यहां वह तेजी दिखाई नहीं देगी, क्योंकि अगर सही कार्यवाही की गई तो मध्य प्रदेश की सरकार ही नहीं बचेगी। दिल्ली की सरकार पर तो चुनाव आयोग की कार्यवाही का कोई फर्क नहीं पड़ा है।
उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी ने 04 जुलाई 2016 को लाभ के पद के अंतर्गत 116 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की शिकायत तमाम सबूतों के साथ की थी। इतने गंभीर विषय पर डेढ़ वर्ष बाद भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की वर्तमान विधानसभा में 116 विधायक/सदस्य ऐसे पद पर पदस्थ हैं, जो लाभ के पद के दायरे में आते हैं। विधायक जैसे संवैधानिक पदों पर रहते हुए संविधान और कानून का खुला उल्लंघन गंभीर विषय है। उपरोक्त विधायकों की सदस्यता भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191 (1) (क), अनुच्छेद 192 एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अंतर्गत रद्द या समाप्त किए जाने योग्य हैं।
इस मौके पर श्री अग्रवाल के अलावा आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव दुष्यंत दांगी, प्रदेश संगठन सचिव पंकज सिंह, अमित भटनागर, हिमांशु कुलश्रेष्ठ, मुकेश जायसवाल, आशीष सिंगराहा, भोपाल लोकसभा प्रभारी अवधेश पुरोहित, कोमल जायसवाल, लक्ष्मी चौहान, शैली राणावत के अलावा भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
