रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश के रतलाम में इज्तेमाई शादी निकाह का आयोजन शेरानी जमात खाने में किया गया। इसमें शेरानी कबीले के 52 दूल्हा–दुल्हनों ने एक साथ निकाह कबूल किया। खिदमते इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी ने आयोजन की पूरी तैयारियाँ निरंतर कड़ी मेहनत के साथ की। बाहर से आए बारातियों के ठहरने और खाने की व्यवस्था के साथ-साथ शहर की शेरानी बिरादरी के लोगों के लिए भी उत्तम इंतज़ाम किए गए।
बदनावर, रतलाम, मेघनगर तथा अन्य क्षेत्रों से आए दूल्हा-दुल्हनों के परिजनों, रिश्तेदारों और शहर के वरिष्ठ समाजजनों की मौजूदगी में निकाह संपन्न हुआ। मौलाना साहब ने दूल्हा-दुल्हन के लिए दुआएँ खैर कीं और शादी की सभी रस्में अदा करवाते हुए निकाह पढ़वाया।
इज्तेमाई शादी में 52 दूल्हा-दुल्हनों का रिश्तेदारों, परिजनों और मित्रों द्वारा नगद राशि एवं उपहार देकर, साथ ही फूलों की मालाएँ पहनाकर स्वागत किया गया। सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर शेरानीपुरा में पूरे दिन आवाजाही बनी रही।
इज्तेमाई शादी में शेरानी बिरादरी के हजारों लोगों ने शिरकत की। खिदमते इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी ने लज़ीज़ पकवान बनवाकर 18 हजार से अधिक मेहमानों की खिदमत में पेश किए।
शेरानी बिरादरी की खिदमते इंसानियत वेलफेयर कमेटी ने अपील की कि बेटा-बेटियों की शादी सामूहिक विवाह के माध्यम से की जाए ताकि किसी भी परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े और कम खर्च में शादी संपन्न हो सके।
