मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
मध्य रेलवे के बुरहानपुर स्टेशन पर कार्यरत सीटीआई शकील अहमद सिद्दीकी के ससुर और जिले की प्रसिद्ध समाज सेविका श्रीमती इशरत शकील सिद्दीकी मदनी के वालिदे मोहतरम जनाब मोहम्मद इरशाद मदनी (सेवानिवृत्ति मुख्य कार्यालय अधीक्षक मध्य प्रदेश शासन वन विभाग रीवा) का 73 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद बुधवार को इंतकाल हो गया।
यह एक संयोग ही था कि इंतिक़ाल के समय जनाब शकील अहमद सिद्दीकी सह परिवार रीवा में ही मौजूद थे। मरहूम एक नेक, रोज नमाज़ के पाबंद हो कर बेहतरीन शख्सियत के मालिक थे। मरहूम का इकलौता बेटा पुणे महाराष्ट्र में होने के कारण एवं निकट रिश्तेदारों के लखनऊ, इलाहाबाद कानपुर सहित अन्य शहरों में होने से जुमेरात (गुरुवार) को तदफिन का तय किया गया।
जनाजे की नमाज़ में बड़ी संख्या में रिश्तेदारों में बड़े भाई फरीद सिद्दीक़ी, बहनोई जिलानी मियां सहित समाज जनों के साथ निकट रिश्तेदारों और गणमान्य लोगों ने शिरकत की। जनाज़े की नमाज़ हज़रत सैयद चांद मियां काज़मी क़िब्ला (जो मरहूम के पीरो मुर्शीद हैं) ने अदा कराई। घोघर क़ब्रिस्तान में तदफ़िन अमल में आई।
मरहूम के परिवार में शरीक ए हयात मोहतरमा वाज़िया मदनी के अलावा 6 बेटियां और एक लड़का है। आप के पिता डॉक्टर हामिद मदनी साहब इलाहाबाद के प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। दुआ है कि अल्लाह मरहूम को करवट करवट जन्नत नसीब फरमाए और घर परिवार के लोगों को सब्र ए जमील अता फरमाए।
