अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर द्वारा SIR को लेकर आ रही दिक्कतों और समयावधि बढ़ाने की मांग को लेकर सेठवाड़ा स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग जल्दबाजी में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कर रहा है। कई बूथों पर बीएलओ को 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग केवल एक व्यक्ति के इशारे पर कार्य कर रहा है।
केंद्र सरकार अपने भ्रष्टाचार, वोट चोरी और लोकतंत्र एवं संविधान की हत्या जैसे कृत्यों को छुपाने के लिए SIR जैसी प्रक्रिया का सहारा ले रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में होने हैं, ऐसे में 4 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक मात्र एक माह में मतदाता सूची का कार्य कैसे संपन्न हो सकता है? इस प्रक्रिया से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
मुकेश धनगर ने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए चुनाव आयोग को मोहरा बनाकर प्रदेश की सरकारों पर कब्जा कर रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश को गर्त में पहुंचा दिया है और लोकतंत्र व संविधान की हत्या की जा रही है।
कांग्रेस पार्टी का मत है कि चुनाव आयोग को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ मतदाता सूचियों का कार्य करना चाहिए, जिसे लगभग एक वर्ष की अवधि में पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी SIR को लेकर बहुत जल्द दिल्ली में एक विशाल प्रदर्शन करेगी और किसी भी कीमत पर जनता के मताधिकार से खिलवाड़ नहीं होने देगी।
कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद एवं पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने चोरी-छिपे संविधान में संशोधन कर चुनाव आयोग को एकपक्षीय बना दिया है, जिससे लोकतंत्र संकट में पड़ गया है। मतदाता सूचियों के कार्य में लगे बीएलओ और आमजनमानस दहशत में जी रहे हैं।
अब तक लगभग 20 से अधिक बीएलओ आत्महत्या कर चुके हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग की नियत बिल्कुल भी साफ नहीं है। प्रेस वार्ता का संचालन जिला प्रवक्ता उमाशंकर शर्मा ने किया।
इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेसजनों में वैद्य मनोज गौड़, अप्रतिम सक्सेना, आदित्य तिवारी, तपेश गौतम, कसान रिजवी, शैलेंद्र चौधरी, रवि वाल्मीकि, अशोक कुमार, भगवान सिंह, दिलशाद खान, बलबीर सिंह, मुस्लिम कुरैशी, रमेश कश्यप, आशीष अग्रवाल, जिलानी कादरी, करण निषाद, अशोक निषाद, प्रेम शंकर शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
