बुलढाणा- ब्यूरो, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
बुलढाणा जिला के अंतर्गत मलकापुर शहर थाने की थानेदार अंबादास हिवाले सहित पीएसआई व एक पुलिस कांस्टेबल को अकोला एंटी करप्शन ब्यूरो के दस्ते ने आज सुबह 11 बजे के करीब ₹ 7000 की रिश्वत लेते हुए पुलिस स्टेशन के अहाते में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद बुलढाणा पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है।
बता दें कि मलकापुर परिक्षेत्र में से पूर्णा नदी बहती है। इस नदी में बड़े-बड़े रेत घाट होने के कारण रेत तस्कर कभी प्रशासन की आंख में धूल झोंककर तो कभी प्रशासन में मौजूद रिश्वतखोर अधिकारियों से हाथ मिला कर रेत की तस्करी करते हुए शासन को लाखों रुपए की चपत लगाते हैं। खास बात तो यह रेत तस्कर नियमित रूप से पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों को हफ्ता पहुंचाते रसते हैं तथा जिन लोगों से पुलिस को हफ्ता नहीं मिलता है तब पुलिस उन पर कार्रवाई करती है। शिकायतकर्ता अभिजीत मस्कर के पास एक ट्रैक्टर है जिसके माध्यम से अवैध रेत ढुलाई के लिए उससे मलकापुर शहर पुलिस ने ₹9000 की रिश्वत मांगी थी। यह सौदा ₹7000 में पक्का हुआ। इस बात की शिकायत अभिजीत मस्कर ने अकोला एंटी करप्शन ब्यूरो के पास की तथा अपने पास मौजूद फोन पर की गई बातचीत के रिकॉर्डिंग भी उन्होंने अकोला एसीबी को दी। आरोपों को सभी पहलुओं से जांचने के बाद आज सुबह एसीबी ने मलकापुर शहर थाने के अहाते में ही जाल बिछाकर रिश्वत की रकम स्वीकारने पर थानेदार अंबादास हिवाले, पीएसआई साहेबराव खांडेकर तथा पुलिस कांस्टेबल मोहम्मद इश्तियाक को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया खबर लिखे जाने तक जारी थी।
बता दें कि कुछ माह पहले मलकापुर शहर थाने के तत्कालीन थानेदार दीपक कोली को भी रिश्वत स्वीकारते हुए पकड़ा गया था, जबकि उस से पहले मलकापुर MIDC के थानेदार सुभाष पुसांडे को भी एक रेत व्यवसायी की शिकायत पर रिश्वत लेते हुए एसीबी ने पकड़ा था। पिछले दो-तीन साल में पुलिस अधिकारी की पकड़े जाने की यह तीसरी घटना मलकापुर के इलाके में घटी है।
