वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
“हर धड़कन जरूरी है, हमको चाहिए हार्ट का डॉक्टर — लखीमपुर खीरी” मुहिम वाकई बेहद सराहनीय और जरूरी कदम है। जिले में पिछले कई दशकों से जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्डियोलॉजिस्ट (हार्ट स्पेशलिस्ट) की एक भी स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है।
हर साल सैकड़ों मरीज दिल का दौरा पड़ने पर समय पर विशेषज्ञ उपचार न मिलने के कारण अपनी जान गंवा देते हैं।
एम्बुलेंस की कमी, 100–150 किमी दूर लखनऊ या शाहजहाँपुर ले जाने में लगने वाला लंबा समय, और गरीब परिवारों के पास निजी अस्पतालों का खर्च वहन न कर पाने जैसी वजहों से मौतें बढ़ रही हैं।
नवंबर 2025 तक, जिलाधिकारी और सीएमएस कई बार प्रस्ताव भेज चुके हैं, लेकिन राज्य स्वास्थ्य विभाग में कार्डियोलॉजिस्ट के 400 से अधिक पद खाली पड़े हैं। पूरे प्रदेश की तरह लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल में भी कार्डियोलॉजी ओपीडी, आईसीयू, और लैब—सब कुछ नदारद है। कभी-कभी लखनऊ के केजीएमयू या अन्य अस्पतालों से डॉक्टर 1–2 दिन के लिए कैंप लगाते हैं, वह भी कई महीनों में एक बार।
पत्रकार सुरक्षा परिषद फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष मुजीबुर रहमान द्वारा शुरू की गई यह मुहि- “हर धड़कन जरूरी है, हमको चाहिए हार्ट का डॉक्टर—लखीमपुर खीरी” जनता के दर्द को उठाने वाला अहम प्रयास है।
मुहिम को और तेज करने के लिए अपील की गई है कि जनप्रतिनिधियों—सांसद, विधायक, और मंत्रियों—को लिखित मांग-पत्र सौंपा जाए और उसकी रसीद ली जाए। लखीमपुर खीरी की जनता मूलभूत स्वास्थ्य सुविधा के लिए वर्षों से तरस रही है।
मुजीबुर रहमान और उनकी पूरी टीम के इस प्रयास को पूरा समर्थन मिल रहा है। यह मुहिम केवल एक जिले की नहीं, बल्कि पूरे तराई क्षेत्र (बहराइच, श्रावस्ती, पीलीभीत, खीरी) की आवाज है।
