शरीफ़ अहमद खान, ब्यूरो चीफ, सोनभद्र (यूपी), NIT:

चोपन रेलवे खेल मैदान में सोमवार को जनजाति गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय समाज को सम्मान और जिले के विकास को गति देने वाली कई ऐतिहासिक घोषणाएँ कीं। उन्होंने बिरसा मुंडा के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनका संघर्ष आज भी जनजातीय समाज को प्रेरित करता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सोनभद्र जिले को 548 करोड़ रुपये की कुल 432 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि सोनभद्र अब ऊर्जा राजधानी के साथ-साथ पर्यटन, औद्योगिक निवेश और आर्थिक गतिविधियों का तेजी से उभरता केंद्र बन रहा है। जिले में 2,59,081 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आने से इसके आर्थिक भविष्य को नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री आवास योजना से 23,973 परिवारों, उज्ज्वला योजना के तहत 2.51 लाख परिवारों और सामूहिक विवाह योजना में 8,324 जोड़ों को लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 15 में से 14 जनजातियां सोनभद्र में निवास करती हैं, जिससे यह जिला राज्य का सबसे बड़ा जनजातीय केंद्र बनता है। उन्होंने सलखन फॉसिल पार्क को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल पर भी जोर दिया। यूनेस्को मान्यता मिलने के बाद स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई बड़ी घोषणाएँ की गईं। एकलव्य मॉडल विद्यालय में आधुनिक शिक्षा की सुविधा, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में 12वीं तक की पढ़ाई, नए आश्रम पद्धति विद्यालय एवं छात्रावास, 13,500 करोड़ रुपये की लागत से 1320 मेगावाट के नए पावर प्लांट और जिला अस्पताल को 500 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अपग्रेड किए जाने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय युवाओं को पर्यटन गाइड प्रशिक्षण दिया जाएगा और वन औषधियों के संग्रह एवं विक्रय से जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 527 जनजातीय गांवों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं और अब तक 1000 से अधिक वनाधिकार पट्टे वितरित किए जा चुके हैं।
सोनभद्र जनजातीय गौरव, विकास और नई पहचान का केंद्र बनकर उभर रहा है।
