मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
अपर सत्र न्यायाधीश जुन्नारदेव, महेंद्र मांगोदिया, द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 16/2021 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी रामप्रसाद (पिता सुका), उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम उमरदोह, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा, को दोषी पाया गया।
न्यायालय ने रामप्रसाद को अपनी पत्नी शाहवती की हत्या का दोषी पाते हुए निम्न धाराओं के तहत दंडित किए जाने का निर्णय पारित किया है:
धारा 302 (भा.द.वि. – हत्या): आजीवन कारावास और ₹5,000 का अर्थदंड।
धारा 201 (भा.द.वि. – साक्ष्य छिपाना): 7 साल का कारावास और ₹1,000 का अर्थदंड।
घटना का विवरण
अपर लोक अभियोजक पंकज श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश शासन की ओर से पैरवी करते हुए बताया कि घटना इस प्रकार है:
दिनांक 05/04/2021 को सुबह 10:00 बजे, जुन्नारदेव पुलिस अनु विभाग के अंतर्गत पुलिस थाना नवेगांव में, मृतका के भाई विनोद ने शहावती की मृत्यु की सूचना देते हुए देहाती नालीसी/मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया। उसने पुलिस को बताया कि उसकी बहन की अचानक मृत्यु हो गई है।
पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रारंभिक विवेचना प्रारंभ की। मर्ग जाँच के उपरांत यह पाया गया कि रामप्रसाद ने ही अपनी पत्नी शाहवती के साथ बंद कमरे में गंभीर रूप से मारपीट करके उसका गला दबाकर जानबूझकर हत्या की थी। हत्या के बाद, उसने शव को आम के झाड़ के पास घर के बाहर छिपा दिया था।
अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर, अपराध संदेह से परे प्रमाणित हुआ। पुलिस द्वारा सघन विवेचना कर अपराध पंजीकृत किया गया तथा न्यायालय में विचारण हेतु चालान प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में कुल 16 गवाह संयोजित किए गए थे, जिनमें से अभियोजन द्वारा 9 गवाहों का परीक्षण न्यायालय में कराया गया। विचारण के बाद, आरोपी रामप्रसाद को दोषी सिद्ध करते हुए न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। प्रकरण में संपूर्ण विवेचना थाना प्रभारी संजीव त्रिपाठी द्वारा की गई एवं मध्य प्रदेश राज्य की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक पंकज श्रीवास्तव द्वारा की गई।
