Edited by Aasha Rekwar, नई दिल्ली, NIT;
ऑल इण्डिया हज वेलफेयर सोसायटी के चैयरमैन मुकीत खान ने इस साल से खत्म की गई हज सब्सिडी को जल्द बाजी में लिया गया फैसला बताते हुए इसके लिये केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है। श्री खान ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हज सब्सिडी को 2022 तक खत्म किये जाने का फैसला दिया था लेकिन सरकार ने इसी साल से इसको खत्म कर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की अवहेलना की है। यदि इसे 2022 तक ही खत्म किया जाता तो हज यात्रियों का हज सस्ता होने के साथ- साथ छोटे इम्बारकेशन पॉइंट भी कुछ साल तक तो बचाये जा सकते थे, तब तक कुछ और रास्ता भी निकल सकता था।
श्री खान ने प्रधान मंत्री भारत सरकार और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री से मांग की है कि यदि हज यात्रियों के हित में आप बेहतर करना चाहते हैं तो हज सब्सिडी खत्म किये जाने के बाद आप ग्लोबल टेंडर निकालने की व्यवस्था कर एयर इण्डिया के एकाधिकार को खत्म करें, ताकि सस्ते हवाई किराये में भारतवर्ष के हज यात्री अपनी पवित्र यात्रा पूर्ण कर सकें, साथ ही खत्म की गई 700 करोड़ रूपये की हज सब्सिडी मुसलमानों के शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाये जाने के लिये खर्च की जाये।
