अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
सिद्धार्थनगर के होटल शुभम पैराडाइज़ में तहज़ीब के बैनर तले काव्य उत्सव सीज़न-2 का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित और मशहूर शायरों व कवियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और आर.के. इंफ्रा बिल्डर प्रा. लि. के प्रबंधक रिज़वान बिल्डर ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
मुख्य अतिथि रिज़वान बिल्डर ने अपने संबोधन में कह-
“आज आप सबके बीच आकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। शिवसागर भाई और पूरी तहज़ीब टीम को मैं दिल से मुबारकबाद पेश करता हूं कि आप सबने इतना शानदार मुशायरा और कवि सम्मेलन आयोजित किया है। मुशायरा और कवि सम्मेलन हमारी तहज़ीब का एक अहम हिस्सा हैं। इससे गंगा-जमुनी तहज़ीब को बढ़ावा मिलता है और कौमी एकजुटता को मजबूती मिलती है।”
शायरों की पेशकशें:
मेरठ से आए मशहूर शायर अज़हर इक़बाल ने पढ़ा —
घुटन-सी होने लगी उस के पास जाते हुए,
मैं खुद से रूठ गया हूं उसे मनाते हुए।
अकमल बलरामपुरी ने पढ़ा —
इसी उम्मीद पर बाज़ार बनकर बैठा हूं,
कभी तो कोई खरीदेगा मुझको कीमत में।
तेरी नज़र में मेरी कोई अहमियत तो नहीं,
तू मुझको याद करेगा मगर मुसीबत में।
नेहा ओझा ने कहा —
हमारे नक्शे-कदम पर चलकर हमारी नस्लों को क्या मिलेगा,
उन्हें सुखन से ही दूर रखो, उदासियों से उन्हें बचाओ।
शिवसागर ने पढ़ा —
पिता के कंधों पर बैठा हुआ हूं,
गगन को छूने का मौका मिला है।
इसके अलावा डॉ. जावेद कमर, ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज, डॉ. चेतना पांडे, आसिफ बिलाल, अरविंद नायक मीरा, दिव्या सिसोदिया, डॉ. एफ. रहमान आदि कवियों और शायरों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में तहज़ीब टीम के संघर्षील झलक, शिवसागर, और शादाब शब्बीरी का विशेष योगदान रहा।
