मुख्य राज्य सूचना आयुक्त ओंकार नाथ को हटाने की मांग, आरटीआई कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन | New India Times

मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

मुख्य राज्य सूचना आयुक्त ओंकार नाथ को हटाने की मांग, आरटीआई कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन | New India Times

आरटीआई कार्यकर्ताओं, भ्रष्टाचार मुक्त मध्यप्रदेश अभियान संगठन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आज माननीय राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर मुख्य राज्य सूचना आयुक्त ओंकार नाथ को पद से हटाने की मांग की है। ज्ञापन में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 17 के तहत उन्हें पद से हटाने की कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया।

आरटीआई अपीलकर्ता तेजस सुरजुसे का कथन:
मुख्य राज्य सूचना आयुक्त श्री ओंकार नाथ द्वारा ऐसे निर्णय पारित किए जा रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। तेजस सुरजुसे के अनुसार, यदि कोई अपीलकर्ता किसी विभाग से चार बिंदुओं में जानकारी मांगता है तो आयुक्त उस पर दबाव डालते हैं कि वह केवल एक ही बिंदु पर जानकारी ले। यदि अपीलकर्ता ऐसा नहीं करता तो वे स्वयं निर्णय लेकर अपनी ओर से जानकारी तय कर आदेश जारी कर देते हैं।

तेजस सुरजुसे ने कहा कि कई बार अपीलों की सुनवाई तीन वर्ष से अधिक समय बाद होती है, जिससे अपीलकर्ताओं का समय व्यर्थ होता है। ऐसे मामलों में आयुक्त को पुराने समय को ध्यान में रखते हुए अपील में सुधार कर जानकारी देने का आदेश देना चाहिए, परंतु श्री ओंकार नाथ ऐसा नहीं करते।

अपीलकर्ता ने आगे कहा कि जब किसी निर्माण कार्य में करोड़ों रुपये खर्च होने के दस्तावेज मिलते हैं, तो मौके पर जाकर उसकी जांच करवाना आवश्यक है। लेकिन श्री ओंकार नाथ ऐसा करने से मना कर देते हैं। उनका कहना होता है कि दस्तावेज में दर्ज कार्य स्थल पर अवश्य हुआ होगा। तेजस सुरजुसे का कहना है कि “जब तक मौके पर जाकर जांच नहीं होती, तब तक प्राप्त दस्तावेज हमारे लिए बेकार हैं।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूचना आयुक्त द्वारा पेनाल्टी की कार्यवाही सही ढंग से नहीं की जाती। कई विभागों में 10 रुपये की आरटीआई फीस की रसीद तक की उचित व्यवस्था नहीं है। प्रथम अपीलीय अधिकारी भी अपीलार्थियों को बुलाकर विधिवत आमने-सामने सुनवाई नहीं करते, और मुख्य आयुक्त इन सब पर कोई सख्त कार्यवाही नहीं करते। इसके विपरीत, वे विभागों के बचाव में अपीलार्थियों को अनिच्छा के बावजूद जानकारी लेने के लिए कहते हैं।

भ्रष्टाचार मुक्त मध्यप्रदेश अभियान संगठन सौसर द्वारा सड़क निर्माण की मांग:
संगठन के सदस्यों ने ज्ञापन में यह भी बताया कि सौसर तहसील के बजाज से राजना जोड़ मार्ग की स्थिति अत्यंत जर्जर है। गड्ढों और खराब सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में यह सड़क कीचड़युक्त हो जाती है, जिससे यातायात लगभग ठप हो जाता है। अतः संगठन ने उक्त मार्ग का शीघ्र सर्वेक्षण कराकर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने की मांग की है।

ज्ञापन देने के समय उपस्थित सदस्य:
हाफिज खान, विपुल बाबने, दिनेश लाड़से, पंकज ठाकरे, ललित कलंबे, गजानन कोचे, नीलेश वानखेड़े, रामदास बावने, तुषार विरखरे, निलेश कलश्कर, उदय टोमपे, सागर भद्रे, ज्ञानेश्वर खुरसंगे, फैजल खान, निलेश सिरसाम, तोशिब सैय्यद, मनोज उमाठे, वसंता साम्बारे सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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