अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
गत कई सालों से अपने हक़ के लिए संघर्ष कर रहे अतिथि शिक्षक एवं अन्य अध्यापकों ने कल दोपहर में अनूठा विरोध प्रदर्शन करते हुए अपना सिर मुंडवा लिया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी अपना सिर मुंडवाया और इसके बाद रात में पिछले 1 महीने से अपनी 13 सूत्रीय जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे दृष्टिहीन युवाओं को कल रात उनके आमरण अनशन के तीसरे दिन पुलिस द्वारा बलपूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया था। शिवराज सरकार के इस कायरतापूर्ण व संवेदनहीन कदम और अध्यापकों के प्रति गहरी संवेदनहीनता के खिलफ विरोध प्रदर्शन करते हुए आप युवा शक्ति भोपाल द्वारा बोर्ड ऑफिस चौराहे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला फूंका गया ।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आप युवा शक्ति के प्रदेश संयोजक निशांत गंगवानी ने कहा की मध्यप्रदेश की मौजूदा शिवराज सरकार अंग्रेजों से भी ज्यादा क्रूर एवं संवेदनहीन सरकार है, इन्हें जनमानस एवं उनकी पीड़ा से कोई सरोकार नहीं है। यदि अपने मूलभूत एवं मौलिक अधिकारों के लिए दृष्टिहीन नौजवानों को एक महीने के संघर्ष के बाद आमरण अनशन तक करना पड़ रहा है और मुख्यमंत्री या सरकार द्वारा उनकी मांगों के प्रति कोई आश्वासन नहीं दिया जा रहा है, ये बहुत अशोभनीय है।
उन्होंने कहा की बेरोजगारी व शिक्षा के मामले में तो शिवराज सरकार युवा विरोधी है ही परंतु दृष्टिहीन युवाओं के साथ ऐसा सलूक ये तो क्रूरता एवं संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
आज के प्रदर्शन में युवा शक्ति प्रदेश सचिव जयेन्द्र सोमवंशी, लोकसभा सचिव प्रदीप पाटकर, लोकसभा कार्यकारणी सदस्य हरिशंकर साहू, दीपक गुप्ता एवं अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
