अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:
शहर के देवपूर इलाके की श्रीरंग कॉलोनी, प्लॉट नंबर 12 में 26 अक्टूबर 2025 की रात 9:00 बजे से 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे के बीच हुई सनसनीखेज घरफोड़ की वारदात को स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने चंद घंटों में सुलझा लिया। इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक श्रीराम पवार की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने अहम भूमिका निभाई, जिसके चलते कुख्यात अपराधी प्रकाश उर्फ शिवा विजय पावरा (25 वर्ष, निवासी: तोरणमाल, तहसील धडगांव, जिला नंदुरबार) को चोरी के माल सहित धर दबोचा गया।
कैसे हुआ खुलासा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस निरीक्षक श्रीराम पवार ने अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल का दौरा किया।
लकड़ी के दरवाजे का ताला तोड़कर चुराई गई 14,700 रुपये नकद और 6,500 रुपये मूल्य के चांदी के गहनों (दो कड़े, दो पायजेब, दो चेन, दो अंगूठियां) की शिकायत पर देवपूर पुलिस स्टेशन में भा.दं.सं. की धारा 457 और 380 के तहत अपराध क्रमांक 226/2025 दर्ज किया गया।
परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर श्रीराम पवार ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
28 अक्टूबर 2025 को एलसीबी की टीम ने धुळे-शिरपूर हाईवे पर साई किशन होटल के सामने से सरगना प्रकाश पावरा को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर 21,200 रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद हुआ, जिसमें नकदी, चांदी के गहने, एक काला पर्स (आधार कार्ड सहित) और चोरी में इस्तेमाल लोहे का टॉमी शामिल है।
श्रीराम पवार की रणनीति ने दिलाई सफलता
पुलिस निरीक्षक श्रीराम पवार की तेज-तर्रार कार्यशैली और अपराधियों को पकड़ने की कुशल रणनीति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। उनकी अगुवाई में इस मामले को न केवल सुलझाया गया बल्कि चोरी का सारा माल भी बरामद कर लिया गया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
प्रकाश उर्फ शिवा पावरा एक सरगना अपराधी है, जिसके खिलाफ नंदुरबार, धुळे और जलगांव के विभिन्न थानों में चोरी, घरफोड़ और अन्य अपराधों के 9 मामले दर्ज हैं।
इनमें शहादा (2009, 2013, 2018, 2019, 2022, 2024), तळोदा (2019), दोंडाईचा (2020) और चोपडा (2025) के मामले शामिल हैं। दोंडाईचा कोर्ट ने एक मामले में उसे 6 माह की सजा भी सुनाई थी।
पुलिस अधिकारियों ने की सराहना
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे और अपर पुलिस अधीक्षक अजय देवरे ने श्रीराम पवार और उनकी टीम की इस सराहनीय उपलब्धि की प्रशंसा की। इस कार्रवाई में सब-इंस्पेक्टर श्रीकृष्ण पारधी, पुलिस उपनिरीक्षक अमरजित मोरे, हेड कांस्टेबल संजय पाटील, और कांस्टेबल मुकेश वाघ, शशिकांत देवरे, पंकज खैरमोडे, संतोष हिरे, धर्मेंद्र मोहिते, महेंद्र सपकाळ, सुशील शेंडे, हर्षल चौधरी और कैलास महाजन शामिल थे।
