अकोट का ‘गवर्नर’ दोस्ती और इंसानियत का दूसरा नाम | New India Times

ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

यारों का यार बड़ा है दिलदार…
दोस्ती का नाम आते ही मन में अपनापन और सुकून की भावना जाग जाती है। दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो कई रिश्तों से अलग और सबसे सच्चा होता है। हर किसी की जिंदगी में दोस्त होते हैं—किसी के कई, तो किसी के सिर्फ एक-दो। लेकिन एक सच्चा दोस्त ज़रूर होता है, जो हर सुख-दुख में साथ खड़ा होता है।

अकोट शहर में ऐसा ही एक नाम है, जिसे न जाने कितने युवाओं का सच्चा और भरोसेमंद दोस्त माना जाता है। यह वह इंसान है जो दूसरों की परेशानी को अपनी परेशानी समझता है, गरीबों के लिए हमेशा तैयार रहता है, और मुसीबत में फंसे लोगों की दिल से मदद करता है।

जी हाँ, हम बात कर रहे हैं “गवर्नर” की — जो कई बेसहारों का सहारा है, परेशान लोगों का साथी है। उन्हें दिन हो या रात, हर समय जरूरतमंदों की सेवा करते हुए देखा गया है। कई बार उन्हें आधी रात के अंधेरे में भी मरीजों की मदद के लिए अस्पतालों में दौड़ते देखा जा सकता है।

अकोट शहर में ‘गवर्नर’ नाम आज एक ब्रांड बन चुका है — लेकिन यह ब्रांड धन या ताकत से नहीं, बल्कि जनता की सेवा और दिल से की गई मदद से बना है। यही वजह है कि अकोट शहर के युवाओं की जुबान पर अक्सर यही सुनाई देता है —
“यारों का यार, गवर्नर बड़ा दिलदार”

By nit

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