मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी अंबाड़ा में रविवार, 26 अक्टूबर को दोपहर लगभग 2 बजे एक लिखित शिकायत चौकी प्रभारी संजय सोनवानी को सौंपी गई। शिकायत में ग्राम पंचायत पालाचौरई (ए-टाइप कॉलोनी) निवासी ब्रजेश मंडवार ने अपनी पत्नी लता मंडवार (उम्र 29 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, 19 अक्टूबर 2025 की देर रात लता मंडवार की परासिया स्थित कार्तिकेय उरांव अस्पताल में मौत हो गई थी। घटना के 8 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की ठोस कार्यवाही न किए जाने से परिजनों एवं ग्रामीणों में नाराज़गी है। मृतका लता मंडवार वेकोलि की मोहन कॉलरी में कार्यरत थीं।
परिजनों का कहना है कि 19 अक्टूबर की शाम, उसकी बचपन की सहेली कुमारी सैफाली श्रीवास्तव (उर्फ मयूरी) निवासी मोहन कॉलरी नंबर 03, के फोन आने के बाद लता घर से परासिया की ओर निकल गई। रात तक घर नहीं लौटने पर बच्चों ने फोन किया, जिस पर लता ने कहा कि वह 10-15 मिनट में आ जाएगी। कुछ समय बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया।
बाद में सैफाली ने लता की बेटी को फोन कर बताया कि “तुम्हें अपनी मम्मी को देखना है तो अस्पताल आ जाओ”। अस्पताल पहुँचने पर लता को गंभीर हालत में बिस्तर पर देखा गया, लेकिन बेटी को उससे मिलने नहीं दिया गया। देर रात करीब 1 बजे जानकारी दी गई कि लता की मौत हो चुकी है।
परिवार के मुताबिक, अस्पताल में जांच के दौरान लता का बैग खाली मिला, जबकि सैफाली के बैग से सल्फास की दो डिब्बियाँ बरामद हुईं, जिनमें से एक में से तीन गोलियाँ कम थीं। परिजनों का आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हत्या का मामला है।
परिवार का यह भी कहना है कि लता परासिया अस्पताल में लगभग 5 घंटे तड़पती रही, लेकिन सैफाली ने न तो पुलिस को सूचना दी, न ही परिजनों को समय पर बताया। यदि समय पर उसे बड़े अस्पताल में ले जाया जाता, तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी। मृतका के तीन मासूम बच्चों के सिर से माँ का साया उठ चुका है, जिसके चलते परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
चौकी प्रभारी का पक्ष:
चौकी प्रभारी संजय सोनवानी ने कहा: “मर्ग कायम है और मामले की जांच जारी है। जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।”

