मौलाना हामिद क़ासमी बने जमीअत उलमा जिला रायसेन के नए अध्यक्ष | New India Times

तारिक़ खान, ब्यूरो चीफ, रायसेन (मप्र), NIT:

मौलाना हामिद क़ासमी बने जमीअत उलमा जिला रायसेन के नए अध्यक्ष | New India Times

ज़िले की तहसील गैरतगंज स्थित मदरसा दारुल उलूम सिद्दीक़िया, ईदगाह वाली मस्जिद में जमीअत उलमा जिला रायसेन की अध्यक्षीय इंतिखाबी मजलिस का आयोजन किया गया। बैठक की सदारत हज़रत मौलाना सैयद हबीबुल्लाह साहब मदनी (फ़रज़ंद हज़रत मौलाना सैयद अरशद मदनी साहब, अध्यक्ष जमीअत उलमा-ए-हिंद) ने की।

इस अवसर पर जमीअत उलमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हज़रत मौलाना अहमद खान साहब तथा मौलाना तसव्वुर हुसैन फलाही साहब (मोहतमिम मदरसा पीथमपुर व मेंबर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) विशेष रूप से उपस्थित रहे। ज़िले के तमाम उलमा-ए-किराम की सर्वसम्मति से हज़रत मौलाना हामिद साहब क़ासमी (खेरी, सिलवानी) को जमीअत उलमा जिला रायसेन का नया अध्यक्ष चुना गया।

इसी के साथ मौलाना सैयद ज़ैद साहब क़ासमी (सदर जमीअत उलमा बेगमगंज), मौलाना अज़हर साहब क़ासमी (इमाम मरकज़ मस्जिद बरेली), जनाब उमरुद्दीन साहब, कारी मसूद साहब (गढ़ी, सरपंच) और हाफ़िज़ मुअज़्ज़म साहब (अल्ली) को जिला नाइब सदर नियुक्त किया गया।मौलाना सैयद हबीबुल्लाह साहब मदनी ने अपने खुत्बे में जमीअत को मज़बूत करने, इत्तेहाद व भाईचारे को बढ़ाने और मौलाना अहमद खान साहब की रहनुमाई में मिलजुलकर काम करने की हिदायत दी।उन्होंने मौलाना हामिद साहब क़ासमी को पगड़ी बांधकर ज़िले की ज़िम्मेदारी सौंपी।

इंतिखाबी मजलिस में जिलेभर से कई नामचीन उलमा और ज़िम्मेदार हज़रात मौजूद रहे — जिनमें मौलाना बिलाल साहब नदवी (राहतगढ़), मुफ्ती मुस्तफ़ा साहब मज़ाहिरी (राहतगढ़), मौलाना सैयद ज़ैद क़ासमी (बेगमगंज), मौलाना सामिद साहब नदवी (जनरल सेक्रेटरी जमीअत उलमा बेगमगंज), मौलाना नज़र साहब क़ासमी, मुफ्ती ज़ैद ज़ुल्फी, मौलाना मुआज़ साहब क़ासमी, मौलाना जमालुद्दीन साहब मज़ाहिरी, मुफ्ती मशकूर साहब नदवी, मौलाना अब्दुल अज़ीम साहब (गढ़ी), मौलाना मक़बूल साहब (उदयपुरा), मौलाना शफ़ीक साहब नदवी (सिलवानी), हाजी तहज़ीब साहब (गैरतगंज), मसूद पटेल साहब (गढ़ी) सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।

कार्यक्रम का समापन हज़रत मौलाना सैयद हबीबुल्लाह साहब मदनी दामत बरकातुहुम की दुआ पर हुआ। यह इंतिखाबी मजलिस मौलाना जमालुद्दीन साहब मज़ाहिरी (नाज़िम मदरसा दारुल उलूम सिद्दीक़िया) और अहले गैरतगंज के ज़ेरे एहतिमाम संपन्न हुई।

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