अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

डाकघर बांसी इस समय अव्यवस्था का शिकार है। विभिन्न पटल पर तैनात कर्मचारियों का व्यवहार उपभोक्ताओं के प्रति नकारात्मक रहता है। उपभोक्ता जब किसी विषय में जानकारी मांगते हैं, तो उन्हें उदासीनता से उत्तर दिया जाता है या झिड़क दिया जाता है। कुछ पटल पर तैनात कर्मचारियों की जगह निजी (प्राइवेट) कर्मचारी कार्य करते हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कुर्थी डीहा निवासी सुभावती पत्नी रामअवतार ने पूर्व में “महिला सम्मान बचत योजना” में धनराशि जमा की थी। समय पूर्ण होने पर जब वह धन निकासी हेतु डाकघर बांसी पहुंचीं और इस विषय में पटल पर बैठे कर्मचारी सच्चिदानंद से जानकारी चाही, तो उन्हें उदासीनता पूर्वक बताया गया कि “बाहर बैठे किसी एबीपीएम से पूछ लो।”
सुभावती का आरोप है कि उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। सूत्रों के अनुसार, इस डाकघर पर अनिल नामक एक कर्मचारी और एक महिला कर्मचारी डाक छांटने आदि के कार्य पर तैनात हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ये लोग स्वयं कार्य करने के बजाय निजी व्यक्ति से कार्य कराते हैं। उक्त निजी व्यक्ति का व्यवहार उपभोक्ताओं के प्रति अभद्र बताया जा रहा है।
शायद इसी कारण डाकघर के विभिन्न पटल पर कार्यरत कर्मचारियों का नाम और पद अंकित नहीं किया गया है, जबकि यह आवश्यक है कि प्रत्येक पटल पर कर्मचारियों का नाम और पद प्रदर्शित हो। इसके अतिरिक्त डाकघर में विभागीय हेल्पलाइन नंबर, खुलने-बंद होने का समय और भोजनावकाश का समय भी अंकित होना चाहिए।
इस संबंध में पोस्टमास्टर बांसी शरद सिंह ने बताया कि “उपभोक्ता अपने पहचान प्रमाण पत्र के साथ विथड्रॉल फॉर्म भरकर आएं, उनके खाते में धनराशि जमा कर दी जाएगी। यदि किसी प्रकार की समस्या है, तो कार्य दिवस में आकर बताएं, समाधान किया जाएगा।”
वहीं एएसपी बांसी वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि “मामले की जांच-पड़ताल कर खाताधारक के खाते में धनराशि जमा की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर जांच की जाएगी। निजी व्यक्ति से कार्य कराए जाने की शिकायत सही पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।”
