अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश राज्य फार्मेसी काउंसिल, भोपाल ने राज्य के सभी अस्पतालों, फार्मेसी एवं मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब दवाइयों का वितरण, बिक्री या डिस्पेंसिंग केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही की जा सकेगी।
काउंसिल द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि यह आदेश फार्मेसी अधिनियम 1948 की धारा 42 एवं Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Act 2023 के तहत जारी किया गया है। बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के दवाइयों की बिक्री या वितरण किए जाने पर संबंधित व्यक्ति एवं संस्थान के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए फार्मासिस्ट को दो लाख रुपए का जुर्माना अथवा तीन माह की सजा या दोनों एवं विषम परिस्थिति में रजिस्ट्रेशन निलंबित किया जा सकता है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी राजवीर त्यागी भोपाल जिला अध्यक्ष राहुल नगायच एवं जिला सचिव सोहित लाल ने पीसी आई के अध्यक्ष संजय जैन एवं रजिस्ट्रार भाव्या त्रिपाठी के निर्णय का स्वागत किया है।
संगठन के प्रदेश महासचिव अखिलेश त्रिपाठी ने सभी फार्मेसी संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और जनता को सुरक्षित एवं प्रमाणित फार्मास्यूटिकल सेवाएं प्रदान करें।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित सिंह ठाकुर ने कहा कि यह आम जनता के स्वास्थ्य हित में सम्मानजनक निर्णय हुआ है प्रदेश का हर फार्मासिस्ट मानव सेवा सर्वोपरि के मार्ग पर कार्य करता रहा है और आगे भी करता रहेगा।
उपरोक्त जानकारी दीपक मिश्रा ने दी।
