वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

“गुरु गृह पढ़न गए रघुराई, अल्प काल विद्या सब पाई”-दशहरा मेले के सांस्कृतिक आयोजनों के दूसरे दिन आयोजित रामायण संगोष्ठी में लखनऊ से आए प्रसिद्ध कथा व्यास हरिओम वाजपेई ने प्रभु श्रीराम के विद्या अध्ययन, राजमहल त्याग और उनके आदर्श जीवन पर प्रवचन दिया।
उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने अल्पकाल में ही अनेक विद्याओं का अर्जन किया। भगवान श्रीराम द्वारा इस नश्वर संसार में भौतिक रूप से विद्या ग्रहण करने की लीला को उन्होंने अपने शब्दों में सुंदर रूप से प्रस्तुत किया। हरिओम वाजपेई ने कहा कि जब प्रभु लीला करते हैं, तो वे साधारण मानव की तरह ही आचरण करते हुए लोक शिक्षण का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
प्रवचन के दौरान उन्होंने जीवन की कठिनाइयों का सामना करते हुए भक्ति मार्ग अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि भक्ति से जीवन में सच्चा सुख और शांति प्राप्त होती है। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने मेला समिति अध्यक्ष कौशल तिवारी के साथ दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर नगर पालिका ईओ संजय कुमार भी उपस्थित रहे।
डॉ. इरा श्रीवास्तव ने कहा कि इस ऐतिहासिक मेले की शुरुआत सदैव श्रीरामचरितमानस जैसे दिव्य ग्रंथ से होती है, जिसमें हमारे सामाजिक जीवन के आदर्श निहित हैं।
इसके बाद शुरू हुए हरिओम वाजपेई के प्रवचन को सुनने के लिए देर रात तक श्रद्धालु बैठे रहे। उन्होंने “भिखारी सारी दुनिया राम एक देवता” जैसे भजन गाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
रामायण संगोष्ठी में प्रवचन सुनने वालों में विश्व हिंदू परिषद के बृजेश पांडेय, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिवकांत मिश्रा, संस्कृत भारती के आचार्य ओमकार नारायण, डी.एस. कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. दयानंद शुक्ला, राजकुमार तिवारी, रजत श्रीवास्तव, नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक प्रहलाद सिंह, देवाशीष मुखर्जी, अमित सोनी और मोहित शुक्ला सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
