रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

तेरस के अवसर पर झकनावदा में भव्य भैरव भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक पुष्पों, रंगोली और लाइटिंग से सजाया गया। मंदिर में श्री आदिनाथ भगवान, श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ एवं श्री नाकोड़ा भैरव की मनमोहक अंगी रचाई गई।
धूमधाम से किया गया छप्पन नैवेद्य अर्पण
रविवार को नगर के प्रमुख चौराहे पर स्थित जसकरण कोठारी के निवास स्थान से बैंड-बाजों के साथ वरघोड़ा प्रारंभ हुआ। मुख्य लाभार्थी शंभूलाल सेठिया परिवार, ड्रायफ्रूट लड्डू के लाभार्थी कनकमल मांडोत, मिष्ठान के लाभार्थी पवन बरबेटा परिवार, और शैतानमल कुमट परिवार द्वारा छप्पन नैवेद्य लड्डू, पुष्पमालाएं, मेवा-मिष्ठान, श्रीफल एवं फल-फ्रूट्स मस्तक पर उठाकर ढोल-ढमाकों और गरबा नृत्य के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से वरघोड़ा निकाला गया। इसके बाद सभी श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे, जहाँ पेटलावद मेवानगर की कार्यकारिणी के सदस्यों ने विधि-विधान से श्री आदिनाथ भगवान, श्री पार्श्वनाथ भगवान, मां पद्मावती देवी, श्री नाकोड़ा भैरव एवं श्री नाकोड़ा काला भैरव को हर्षोल्लासपूर्वक छप्पन नैवेद्य अर्पित किया। तत्पश्चात भव्य महाआरती संपन्न हुई।
भव्य भैरव भक्ति संध्या का आयोजन
रात्रि में श्री नाकोड़ा पार्श्वभैरव भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे — सुमित पीपाड़ा (गादीपति पेटलावद मेवानगर),
एम.एल. जैन (संचालक, कंचन अस्पताल, राजगढ़),
मुकेश जैन (नाकोड़ा) (ट्रस्टी, मोहनखेड़ा म्यूजियम ट्रस्ट),
अनिल जैन झाबुआ (प्रांतीय सह-सचिव, अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद), सौरभ खमेसरा (ट्रस्टी, श्री नाकोड़ा पार्श्वभैरव ट्रस्ट मंडल, मेवानगर पेटलावद), सुशील जैन (मानस स्कूल राजगढ़ एवं समाजसेवी), मनोज पेटलावद, अमित पीपाड़ा, अभय पीपाड़ा, पवन विश्वकर्मा, और सूरजमल भंडारी।
मुख्य अतिथियों ने श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान, मां अंबिका देवी, श्री नाकोड़ा भैरव एवं श्री नाकोड़ा काला भैरव को पुष्प अर्पित किए, दीप प्रज्वलित कर और अखंड ज्योत जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। गादीपति सुमित पीपाड़ा का मारवाड़ी साफा पहनाकर स्वागत किया गया तथा अन्य अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर सत्कार किया गया। इस कार्यक्रम में धार, बाग, राजगढ़, झाबुआ, मेघनगर, कल्याणपुरा, पेटलावद, रायपुरिया, बोलासा, धतुरिया, तारखेड़ी, पालेड़ी, उमरकोट, सारंगी सहित अनेक श्रीसंघों ने भाग लिया।
भक्ति में झूमें श्रद्धालु
भक्ति संध्या में सुप्रसिद्ध गायिका सुश्री हितांशी सोलंकी ने अपनी मधुर आवाज़ में भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी।
“भक्ति की है रात दादा आज थाने आणो है” जैसे भजनों पर युवाओं ने नृत्य किया। “पंखिड़ा तू उड़ी ने जा जे मोहनखेड़ा रे” जैसे गरबों पर माताओं, बहनों और बच्चों ने गरबा नृत्य कर भक्ति में डूब गए। हरिओम कुमावत ने “सुन रे भैरव नाकोड़ा वाला धोली गाड़ी लानी है” और “सब कुछ तेरो भैरव देव, मेरा तो कुछ भी नहीं” जैसे भजनों से भक्ति का माहौल बना दिया। पेटलावद के प्रसिद्ध भजन गायक कपिल भाई ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दादा को रिझाया। कार्यक्रम के अंत में महाआरती के बाद सुमित पीपाड़ा द्वारा सभी को अभिमंत्रित रक्षा सूत्र का वितरण किया गया।
सेवकों एवं कलाकारों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर पेटलावद मेवानगर कार्यकारिणी एवं सभी सेवक-सेविकाओं का सम्मान किया गया। भजन गायिका हितांशी सोलंकी, गायक हरिओम कुमावत, कपिल पेटलावद तथा वादक दल का भी विशेष सम्मान किया गया। तेरापंथ सभा अध्यक्ष विजय कुमार वोहरा ने आयोजन में विशेष योगदान देने वाले आशीष भांगू, हर्ष मांडोत (अध्यक्ष), मुदित जैन (उपाध्यक्ष), नमन पालरेचा (कोषाध्यक्ष), भावेश कोठारी (सचिव), अथर्व अरोड़ा (मीडिया प्रभारी), ओम प्रकाश अरोड़ा (ज्योत सेवक), अरिहंत कोठारी, अरिहंत कुमट, नैतिक मांडोत, भव्य (ओनी) वोहरा, ग्रंथ भांगू, लक्ष्य बरबेटा आदि को दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया। आयोजक समिति ने अंत में सभी लाभार्थियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से इस आयोजन को सफल बनाया।
