नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

प्रचंड बारिश ने महाराष्ट्र के 30 जिलों में 70 लाख एकड़ कृषि भुमि पर खड़ी फसलें तबाह कर दी है। मराठवाड़ा में किसानों का असंतोष देख Gen-Z की संभावना से खौफजदा मंत्री जनता के बीच से अचानक गायब हो गए हैं। 9 लाख 58 हजार करोड़ रुपए का कर्जदार बनाया गया महाराष्ट्र आर्थिक हैसियत गंवा चुका है। केंद्र सरकार से 50 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की दरकार है लेकिन प्रदेश का नेतृत्व कमजोर होने के कारण अब तक मोदी सरकार से फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। विधानसभा का चुनाव जीतने के लिए सरकारी तिज़ोरी से बिहार के हर एक वोटर के खातों में हज़ारों रुपया दिया जा रहा है।

इधर महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और उनके मंत्री अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए महीने में एक दो बार नासिक में उस कुंभ के लिए बैठके कर रहे है जो 2027 में होने वाला है। मंत्रियों के गृह नगरों मे पुलिस के आला अधिकारी हथियारबंद गिरोह की खुले आम कयादत कर रहे है। मामला जलगांव जिले के जामनेर से है एकता संगठन ने सरकार से शिकायते की है। सरकार की ओर से कार्रवाई के आसार कम है वही कोर्ट से उम्मीद बढ़ी है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में बिहार विधानसभा के लिए मतदान किया जा सकता है इसी प्रोग्राम से महाराष्ट्र निकाय चुनावो की तारीखों को मैच किया जाएगा।

महाराष्ट्र में किए गए वोट चोरी और वोट की खरीदारी का फॉर्मूला बीजेपी ने बिहार में लागू कर दिया है। राहुल गांधी ने बीजेपी के महाराष्ट्र पैटर्न को बिहार की जमीन पर उजागर कर दिया नतीजा यह हुआ कि बीजेपी ने RSS के प्रिय देवेन्द्र फडणवीस को बिहार चुनाव से दूर रखा। महाराष्ट्र की राजनीत में जो कुछ भी हो रहा है उसका सीधा असर बिहार के चुनाव मे नजर आने लगा है। सर्वे के मुताबिक बीजेपी बिहार चुनाव हार रही है। इस बड़ी हार की वजह महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का कुशासन बताया जा रहा है।
