महाराष्ट्र के कृषि मंत्री फुंडकर और राज्यमंत्री खोत को कृषि उद्योग विकास महामंडल ने दी नियम के खिलाफ ज़रूरत से ज़्यादा गाड़ियां | New India Times

Edited by Qasim Khalil; मुंबई, NIT; ​महाराष्ट्र के कृषि मंत्री फुंडकर और राज्यमंत्री खोत को कृषि उद्योग विकास महामंडल ने दी नियम के खिलाफ ज़रूरत से ज़्यादा गाड़ियां | New India Timesसरकारी परिवहन सेवा में मंत्रियों को उनके कामकाज के लिए सिर्फ 1 गाड़ी उपलब्ध कराई जाती है लेकिन महाराष्ट्र राज्य के कृषिमंत्री पांडुरंग फुंडकर ने अतिरिक्त 2 और राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत ने अतिरिक्त 1 गाड़ियों का इस्तेमाल ड्राइवर की सुविधा के साथ कर रहे हैं। ऐसी सनसनीखेज़ जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को महाराष्ट्र कृषि उद्योग विकास महामंडल मर्यादित ने दी है। भूतपूर्व कृषि मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील के अलावा कृषि मंत्री के निजी सचिव और कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने बहती गंगा में हाथ धोने का काम किया है।​महाराष्ट्र के कृषि मंत्री फुंडकर और राज्यमंत्री खोत को कृषि उद्योग विकास महामंडल ने दी नियम के खिलाफ ज़रूरत से ज़्यादा गाड़ियां | New India Timesमुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने महाराष्ट्र कृषि उद्योग विकास महामंडल मर्यादित से कृषि मंत्री और कृषि राज्यमंत्री सहित जिन्हें सरकारी गाड़ियों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है उनकी जानकारी मांगी थी, जिसके जवाब में उपलब्ध कराई गई जानकारी में बताया गया कि, कृषिमंत्री पांडुरंग फुंडकर को 2 गाड़ियों सहित 3 ड्राइवर दिए गए हैं जो ठेके पर नियुक्त किए गए हैं। इसी तरह कृषि राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत को 1 नई गाड़ी देते हुए उनके लिए 2 ड्राइवर ठेके पर लाए गए हैं। कृषि विभाग के प्रधान सचिव विजयकुमार औऱ कृषि मंत्री के निजी सचिव धुरजड को 1- 1 गाडी दी गई है। इनके ड्राइवर महामंडल के स्थायी कर्मचारी हैं। भूतपूर्व कृषि मंत्री और वर्तमान विपक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील की गाडी खुद की है, लेकिन उन्हें उपलब्ध कराया गया ड्राइवर महामंडल का स्थायी कर्मचारी है। फुंडकर द्वारा इस्तेमाल होने वाली 2 गाड़ियों पर इंधन, सर्विस और मरम्मत के खर्च के नाम पर 7 महीने में 25 लाख 25 हज़ार 809 रुपए की रकम खर्च की गई है। एक गाड़ी नई खरीदी गई है।राज्यमंत्री खोत की खातिर नई चकाचक गाडी खरीदकर महामंडल ने गाडी की किंमत, इंधन, मरम्मत खर्च के लिए 26 लाख 50 हज़ार 278 रुपए की रकम 7 महीने में खर्च की है। प्रधान सचिव विजयकुमार को उपलब्ध कराई गई गाड़ी का इंधन औऱ सर्विस शुल्क पर 66 हज़ार 35 रुपए की रकम खर्च की गई है। कृषि मंत्री के निजी सचिव धुरजड को दी गई गाड़ी के इंधन पर 47 हज़ार 534 रुपए की रकम खर्च की गई है।

अनिल गलगली को कृषि विभाग के अपर सचिव उ.म. मदन ने बताया कि कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर और कृषि राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत इन दोनों के लिए प्रति गाडी पर 19 लाख 99 हज़ार 999 रुपए रकम उपलब्ध कराई गई है। मंत्री और राज्यमंत्री को कितनी गाड़ियां इस्तेमाल करने की अनुमति है? इस प्रश्न की जानकारी पर अनिल गलगली को सामान्य प्रशासन ने बताया कि 26 दिसंबर 2005 के शासन निर्णय के तहत सरकारी परिवहन सेवा के मंत्री की गाड़ियों का काफ़िला रदद् कर मंत्रियों को उनके कामकाज के लिए सिर्फ एक गाड़ी उपलब्ध कराई जाती है। शासन निर्णय स्पष्ट होते हुए कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर और कृषि राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत एक से अधिक गाड़ियों का इस्तेमाल कर अपने मंत्री पद का दुरुपयोग करने का आरोप करते हुए अनिल गलगली ने गाड़ियों पर हुए खर्च के साथ ड्राइवर को दिये गए वेतन का कुल खर्च इन दोनों मंत्रियों से वसूल करने की मांग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में की है। इसके अलावा निजी सचिव और प्रधान सचिव द्वारा किये गए पद के दुरुपयोग के मद्देनजर उनकी जांच कर उनसे भी कुल खर्च वसूल करने की मांग की है।

एक तरफ फिल्हाल महाराष्ट्र कृषि उद्योग विकास महामंडल घाटे में चलने के बावजूद जिन अधिकारियों ने सरकार को अंधेरे में रखकर अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए शासन निर्णय के खिलाफ काम किया है ऐसे अधिकारियों की जांच कर कारवाई करने की मांग अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है। संपूर्ण महाराष्ट्र में इस तरह जो मंत्री, राज्यमंत्री, प्रधान सचिव, सचिव, उपसचिव समेत निजी सचिव, ओएसडी और उनके चेलों द्वारा सरकारी गाड़ियों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है उसे तत्काल रोकते हुए कारवाई करने की भी मांग अनिल गलगली ने की है।

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