नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

राजकीय लोगों के कहे मुताबिक शहर में प्रभाग रचना करवाई गई है। सारी की सारी प्रक्रिया नियमों के ठीक उलटी सेट कर दी है। हमने इस रचना पर आपत्ति दर्ज कराई है जरूरत पड़ने पर हम लोग हाइ कोर्ट जाएंगे और चुनाव पर रोक की मांग भी करेंगे। पूर्व उपनगर अध्यक्ष जावेद इक़बाल अब्दुल रशीद मुल्लाजी ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में जामनेर नगर परिषद प्रभाग रचना 2025 को लेकर उक्त शब्दों में अपनी भूमिका जनता के साथ साझा करी है। एक वकील , एक सर्वज्ञाता और कुछ साथियों के बीच शहर का नक्शा , वार्ड रचना की सूची , नियम पुस्तिका और ढेर सारे सवालों को लेकर पत्रकारों के बीच पेश हुए जावेद ने जरूरी तथ्यों को तफसील से मीडिया के सामने रखा। जावेद ने बताया कि मुस्लिम आबादी वाले इलाके से 06 की जगह अब केवल चार पार्षद चुने जाएंगे। मुसलमानों के एकमुश्त हजारों वोट नदी नाले फांदकर दूसरे प्रभागों के बूथ में जोड़े गए हैं। सत्ता पक्ष बीजेपी को गत लोकसभा विधानसभा चुनाव में मुस्लिम इलाके से वोट नहीं मिले जिसके कारण वार्ड रचना का खेल खेला गया है ऐसा जावेद का आरोप है। प्रभाग रचना को लेकर नगर परिषद प्रशासन की ओर से कल जन शिकायतों पर सुनवाई होनी है।
विपक्ष ने बनाई चुनाव से दूरी :
चुनाव के मुहाने मतदान प्रक्रिया वोटर लिस्ट को लेकर प्रशासन पर कई तरह के आरोप लगाने वाले विपक्ष ने प्रभाग रचना मामले में दूरी बना ली है। 2012 में जामनेर के हिंदू मुस्लिम वोटर्स ने मंत्री गिरीश महाजन के ख़िलाफ़ जा कर कांग्रेस गठबंधन के नेता पारस ललवानी को बहुमत दिया। ढाई साल बाद पांच कांग्रेसी पार्षद बीजेपी के साथ चले गए (भेजे गए) और मंत्री महाजन की पत्नी साधना महाजन नगर अध्यक्ष बनाई गई। आम जनता में उन स्लीपर सेल की भी चर्चा होती रहती है जो विपक्ष में रहकर बीजेपी के लिए काम करते हैं। विपक्ष के पास कोई ऐसा नेतृत्व नहीं है जो जनता का खोया विश्वास फ़िर से हासिल कर सके।
